द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने भूटान को 54 'मेड इन इंडिया' इलेक्ट्रिक वाहन सौंपे हैं। यह पहल पड़ोसी देश के टिकाऊ विकास और आधुनिक परिवहन की ओर बढ़ने के प्रयासों में भारत के निरंतर सहयोग को दर्शाती है।
हरित साझेदारी को मिला नया आयाम
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे को ये 54 इलेक्ट्रिक गाड़ियां सौंपते हुए बेहद खुशी हो रही है। इस कदम के जरिए भारत सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भूटान की प्रतिबद्धता का समर्थन कर रहा है।
ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने का संकल्प
भारत की ओर से प्रदान किए गए ये इलेक्ट्रिक वाहन भूटान में कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने और हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 'मेड इन इंडिया' पहल के तहत निर्मित ये वाहन दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और आपसी भरोसे को और मजबूत करते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस कदम पर आम लोगों ने सोशल मीडिया पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। अधिकांश लोगों ने भारत और भूटान की अटूट दोस्ती की सराहना की और पड़ोसी देशों के विकास में भारत की इस रचनात्मक भूमिका का स्वागत किया है।


























