भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से मुलाकात की। यह बैठक शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जहां दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक का एजेंडा
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर दृष्टिकोण साझा किए। इसके अलावा भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के रास्तों पर भी चर्चा हुई। सऊदी अरब ब्रिक्स 2026 में आमंत्रित भागीदार के रूप में भाग ले रहा है, जो भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है।
भारत-सऊदी संबंधों का संदर्भ
हाल के वर्षों में भारत और सऊदी अरब के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच कई उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। सऊदी अरब भारत के लिए कच्चे तेल का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, जबकि भारतीय कंपनियां सऊदी बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं।
ब्रिक्स 2026 और भारत की अध्यक्षता
ब्रिक्स 2026 शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा है। इस समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, जबकि सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के रूप में आमंत्रित किया गया है। भारत की अध्यक्षता के दौरान वैश्विक दक्षिण के मुद्दों, सुधारित बहुपक्षवाद और आर्थिक सहयोग पर जोर दिया जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई उपयोगकर्ताओं ने इसे भारत की कूटनीतिक सफलता बताया और जयशंकर के प्रयासों की सराहना की, जबकि कुछ ने सऊदी अरब की नीतियों को लेकर सवाल उठाए और आलोचनात्मक टिप्पणियां कीं।


























