समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल भुगतान व्यवस्था और उसके शुल्कों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
यूपीआई भुगतान और टैक्स वसूली को लेकर सवाल
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि सरकार दूसरों की कमाई से लाभ कमाने की मंशा रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीआई के जरिए किए जाने वाले भुगतानों पर भी शुल्क वसूले जाने की तैयारी है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की कार्यप्रणाली से ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
चुंगीजीवी और पेमेंट गेटवे पर निशाना
अपने तीखे हमले को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पेमेंट गेटवे के माध्यम से धन वसूलने की प्रवृत्ति के कारण भाजपा अब चुंगीजीवी बन गई है। इस बयान के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन पर लगने वाले संभावित शुल्कों और मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य और देश की राजनीति में विभिन्न मुद्दों पर बयानबाजी का दौर जारी है। हाल ही में कोटा नगर निगम चुनाव के दौरान भी पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा सवाल उठाए गए थे, जिससे माहौल गरमाया हुआ है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर सरकार की नीतियों की आलोचना की तो वहीं अन्य ने दावों को खारिज करते हुए अपनी बात रखी।


























