भारत और बेलारूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस संवाद में दोनों देशों ने अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।
द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
वार्ता के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय साझेदारी को गति देने पर ध्यान केंद्रित किया। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना रहा। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने आपसी कनेक्टिविटी में सुधार करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और नागरिकों के बीच सीधे संपर्कों को गहरा करने के उपायों पर भी विमर्श किया। बेलारूस ने भारत के साथ गहरे औद्योगिक सहयोग और कृषि क्षेत्र में साझेदारी के विस्तार की तत्परता भी व्यक्त की है।
एस जयशंकर का बयान और क्षेत्रीय स्थिति
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में बताया कि बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिझेंकोव के साथ उनकी मुलाकात बेहद उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के अलावा दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी अपने दृष्टिकोण साझा किए। जयशंकर ने अपने समकक्ष के भारत प्रवास के सुखद रहने की कामना की और दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर बल दिया।
जनता की प्रतिक्रिया
इस उच्चस्तरीय बैठक को लेकर आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है। अधिकांश लोगों ने इसे भारतीय कूटनीति की सफलता और वैश्विक मंच पर व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने वाला कदम बताया।



























