देश में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित यानी E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक और तकनीकी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि E20 पेट्रोल के कारण देश भर में वाहन चालकों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में वाहन निर्माताओं के संगठन द्वारा तैयार की गई एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट को दबाव डालकर वापस करवा दिया गया है।
E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और रिपोर्ट पर केजरीवाल के आरोप
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि E20 ईंधन में क्लोराइड और नमी यानी मॉइश्चर का स्तर बहुत अधिक है। उनका दावा है कि ईंधन में मौजूद यही क्लोराइड और नमी वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचा रही है और गाड़ियां लगातार खराब हो रही हैं। अरविंद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने SIAM पर दबाव बनाकर उस रिपोर्ट को वापस लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विज्ञान और इंजीनियरिंग के आंकड़े इस ईंधन की कमियों की ओर इशारा कर रहे हैं, तो इन चेतावनियों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।
E20 ईंधन का इतिहास और SIAM की पुरानी चिंताएं
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल और इसके वाहनों पर पड़ने वाले प्रभाव पर विवाद नया नहीं है। वर्ष 2021 में जारी की गई नीति आयोग की रिपोर्ट में भी SIAM द्वारा जताई गई कई तकनीकी चिंताओं का विवरण सामने आया था। उस समय ऑटो इंडस्ट्री की ओर से यह मांग की गई थी कि E10 पेट्रोल की बिक्री भी जारी रखी जानी चाहिए। इसका मुख्य कारण यह था कि भारतीय सड़कों पर चल रही लगभग 95 प्रतिशत पुरानी गाड़ियां उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले E20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं बनाई गई थीं। एथेनॉल में पानी और नमी सोखने की प्रवृत्ति होती है, जिससे ईंधन प्रणाली में जंग लगने और क्लोराइड के कारण इंजन घटकों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
सरकार का रुख और ऑटो सेक्टर की स्थिति
E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों और गाड़ियों के खराब होने की बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। वाहन निर्माता कंपनियां और सरकारी एजेंसियां ईंधन मानकों की समीक्षा में लगी हैं। SIAM देश में वाहनों की बिक्री और उत्पादन के आंकड़े नियमित रूप से जारी करता रहता है। पूर्व में जारी SIAM के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 और उसके बाद सितंबर 2025 में त्योहारी मांग तथा GST 2.0 से जुड़ी नीतियों के कारण विभिन्न वाहन खंडों की बिक्री में बढ़त दर्ज की गई थी। हालांकि, ऑटो उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बिक्री की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए गाड़ियों की लंबी उम्र और ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर आम जनता और वाहन मालिकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कई वाहन चालकों ने E20 ईंधन से गाड़ियों में आ रही तकनीकी खराबी पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की है, वहीं अन्य लोगों ने देश में बायोफ्यूल को बढ़ावा देने की नीति का समर्थन करते हुए इन आरोपों की मंशा पर सवाल उठाए हैं।



























