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E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का हल्लाबोल, PM आवास की तरफ बढ़ा प्रदर्शनकारियों का जत्था रोककर 2 लाख याचिकाएं सौंपींनेता जी
4 अग॰ 2026, 2:44 pm (47 दिन पहले)· 0

E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का हल्लाबोल, PM आवास की तरफ बढ़ा प्रदर्शनकारियों का जत्था रोककर 2 लाख याचिकाएं सौंपीं

केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के विरोध में अरविंद केजरीवाल ने 2 लाख से अधिक नागरिक याचिकाओं के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया, जिसे पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर जनता की आवाज दबाने और जल्दबाजी में नीति लागू करने का आरोप लगाया।

केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने 2 लाख से अधिक नागरिक हस्ताक्षर वाली याचिकाओं के साथ एक बड़े प्रदर्शन की अगुवाई की। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अरविंद केजरीवाल 100 समर्थकों के दल के साथ दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बलों ने भारी घेराबंदी की और प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, प्रदर्शनकारियों की ओर से सभी 2 लाख याचिकाओं को प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंप दिया गया।

इथेनॉल सम्मिश्रण और E20 नीति का पूरा विवाद

भारत सरकार ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने की योजना यानी E20 नीति को तेजी से लागू करने का लक्ष्य रखा है। शुरुआती योजना के तहत इस लक्ष्य को वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सरकार ने समयसीमा घटाकर 2025 कर दी। इस समयसीमा में बदलाव के कारण ऑटोमोबाइल सेक्टर और आम वाहन चालकों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं। कई विशेषज्ञों और वाहन मालिकों का कहना है कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है और वाहन का माइलेज भी कम हो जाता है। इतना ही नहीं, भविष्य में E25 पेट्रोल यानी 25 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण लागू करने की खबरों ने भी वाहन चालकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

पीएम आवास मार्च और केजरीवाल का तीखा हमला

सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार पर अपनी प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर जनता की जायज चिंताओं को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा, "आप यही हिम्मत ट्रंप को दिखाइए और देश पर E20 थोपना बंद करिए।" केजरीवाल ने कहा कि नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात करके उन्हें अपनी बात सीधे रखने से वंचित कर दिया गया।

विभिन्न संगठनों का विरोध और कानूनी तैयारी

E20 नीति के खिलाफ केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि कई अन्य नागरिक समूह और संगठन भी मैदान में उतर चुके हैं। सीजेपी, 35 लाख फॉलोअर्स वाला आरएचए संगठन और 'E20 जनता पार्टी' जैसे समूहों ने इस फैसले का खुलकर विरोध किया है। ये संगठन सरकार की जल्दबाजी वाली कार्यान्वयन नीति के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। हालांकि, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार लगातार एथेनॉल सम्मिश्रण के फायदों को रेखांकित करते रहे हैं, जिसमें विदेशी तेल आयात पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को घटाना शामिल है। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर तकनीकी बदलावों और वाहन मालिकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। एक तरफ जहां कई लोगों ने अचानक ईंधन नीति में बदलाव और वाहनों की सुरक्षा को लेकर केजरीवाल के अभियान का समर्थन किया, वहीं दूसरी ओर आलोचकों ने इसे एक राजनीतिक पैंतरा करार दिया और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दी।

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सवाल-जवाब

अरविंद केजरीवाल ने कितनी याचिकाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का प्रयास किया?
अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति के विरोध में जनता से एकत्रित 2 लाख से अधिक नागरिक याचिकाओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री आवास की ओर निकाला गया मार्च क्यों रोका गया?
सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री आवास के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसने अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों को रोक दिया।
E20 पेट्रोल नीति को लेकर मुख्य चिंताएं क्या हैं?
मुख्य चिंताओं में पुरानी गाड़ियों के इंजनों में खराबी, कम ईंधन माइलेज और नीति लागू करने की समयसीमा को वर्ष 2030 से घटाकर 2025 करना शामिल है।
डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने क्या बयान दिया?
केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी ताकत देश के नागरिकों पर दिखाने के बजाय डोनाल्ड ट्रंप को हिम्मत दिखानी चाहिए और E20 पेट्रोल को जबरन थोपना बंद करना चाहिए।
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