मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बुलंदशहर, अमरोहा और संभल जिलों में चल रहे बड़े विकास कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण की योजनाएं लगातार नई ऊंचाइयां छू रही हैं, और इसी कड़ी में इन तीन जिलों की अलग अलग विधानसभा सीटों के अंतर्गत 1,350 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं को रफ्तार दी गई है।
मुख्यमंत्री ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण की नित नवीन ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है।" इसके आगे उन्होंने लिखा कि इसी विकास यात्रा को नई गति देते हुए बुलंदशहर, अमरोहा और संभल जिलों की कई विधानसभा सीटों के क्षेत्र में यह बड़ी रकम विकास कार्यों में लगाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह पोस्ट सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक्स हैंडल को टैग करते हुए साझा किया, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि राज्य सरकार अपने कामकाज को केंद्र सरकार की नीतियों और मार्गदर्शन के साथ जोड़कर पेश करना चाहती है।
1,350 करोड़ रुपये किन जिलों में जा रहे हैं
बुलंदशहर, अमरोहा और संभल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वे जिले हैं जो दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाके और गंगा-यमुना के मैदानी क्षेत्र में आते हैं। मुख्यमंत्री के पोस्ट के मुताबिक यह बड़ी रकम इन जिलों की अलग अलग विधानसभा सीटों के लिए तय की गई है, यानी यह कोई एक परियोजना नहीं बल्कि कई इलाकों में एक साथ चल रहे विकास कार्यों का हिस्सा है। राज्य सरकार समय समय पर अलग अलग जिलों का दौरा कर वहां लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित करती रही है, और यह पोस्ट भी उसी सिलसिले की कड़ी नजर आती है। पोस्ट में यह साफ नहीं बताया गया कि इस राशि से ठीक ठीक कौन कौन सी परियोजनाएं पूरी हुई हैं या किनका शिलान्यास हुआ है, लेकिन आंकड़ा यह जरूर दिखाता है कि सरकार का फोकस इन जिलों के बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कामों पर बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के हिसाब से देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य माना जाता है। राज्य की प्रशासनिक और विधायिक राजधानी लखनऊ है, जबकि प्रयागराज को न्यायिक राजधानी का दर्जा हासिल है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहर भी उत्तर प्रदेश की पहचान का अहम हिस्सा हैं। इस राज्य की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से मिलती हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की उत्तरी सीमा पड़ोसी देश नेपाल से भी सटी हुई है। इतने बड़े भूगोल और आबादी के चलते यहां हर विकास परियोजना का सीधा असर लाखों लोगों के जीवन पर पड़ता है।
जनता की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे सुशासन और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए धन्यवाद जताया। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने सवाल भी उठाए, जिनमें कुछ ने एक विशेष योजना से जुड़े शासनादेश में हो रही देरी को लेकर स्पष्टता मांगी, तो कुछ ने बिजली आपूर्ति जैसी स्थानीय समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। कुछ प्रतिक्रियाओं में यह चिंता भी जताई गई कि घोषित रकम का लाभ आम जनता तक ठीक से पहुंचना चाहिए, ना कि यह चंद हाथों तक सीमित रह जाए। कुल मिलाकर पोस्ट पर समर्थन के साथ साथ जवाबदेही और तेज क्रियान्वयन की मांग करने वाली टिप्पणियां भी सामने आईं।


























