उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित #छात्रोंकीगूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने छात्रों की मेहनत और व्यवस्था की खामियों के आंकड़े गिनाए। इसी कार्यक्रम में उनकी मुलाकात एनईईटी पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल से भी हुई।
राहुल गांधी ने X पर क्या लिखा
राहुल गांधी (@RahulGandhi) ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कोई भी छात्र लगातार 5 साल तक रोज़ाना करीब 10 घंटे तैयारी करता है और औसतन 9 लाख रुपये खर्च करता है, यह हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार के त्याग की कहानी है। उन्होंने आगे लिखा कि पिछले 10 साल में देश में 152 पेपर लीक हो चुके हैं, सीट और नौकरी के लिए मानो एक रेट कार्ड चल रहा है, लेकिन अब तक किसी को सज़ा नहीं मिली। उनके मुताबिक इस गड़बड़ी से करीब 7.5 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था को जड़ से बदलकर 21वीं सदी के हिसाब से नई व्यवस्था बनानी होगी।
बेटी खोने वाले पिता से भावुक मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान राजेश मल्ल राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। उनकी बेटी रिया कुमारी ने एनईईटी परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी। मुलाकात के दौरान राजेश मल्ल भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि जो उनकी बेटी के साथ हुआ, वैसा किसी और बेटी के साथ न हो, साथ ही राहुल गांधी से संसद में उनकी आवाज उठाने की अपील की।
शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा तस्वीर
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से कई सवाल उठते रहे हैं। खबरों के मुताबिक बीते 10 साल में देशभर में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं, यानी औसतन हर दिन करीब 25 स्कूलों पर ताला लगा है, जिससे स्कूलों में दाखिले की संख्या भी घटी है। बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाएं और स्कूलों के बंद होने के आंकड़े मिलकर शिक्षा व्यवस्था की कमजोर बुनियाद की तरफ इशारा करते हैं।
देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम
देहरादून में हुए इस कार्यक्रम में कई छात्र और अभिभावक शामिल हुए। मौजूद एक छात्र ने राहुल गांधी से कहा कि पढ़ाई में चाहे जितनी भी मेहनत कर ली जाए, अगर पेपर लीक होता रहा तो छात्र व्यवस्था के आगे हार जाएंगे। कार्यक्रम में #शिक्षाक्रांति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें छात्रों को न्याय, पारदर्शिता और समान अवसर देने की मांग उठी।
जनता की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की इस पोस्ट और मुलाकात पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने छात्रों के लिए न्याय और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग का समर्थन किया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए सवाल भी उठाए।



























