डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित अमरीकी सैन्य हमलों को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि ईरान और मध्य पूर्वी देशों के अनुरोध पर बातचीत के जरिए शांति समझौते का ढांचा तैयार करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, यह फैसला ईरान द्वारा तय की गई सख्त शर्तों को तेजी से स्वीकार करने पर ही टिका हुआ है।
शांति समझौते की मुख्य शर्तें
प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और पूरी तरह से खोलना होगा। इसके साथ ही ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करने की शर्त भी शामिल की गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हमलों को रद्द करने का निर्णय इस बात पर निर्भर करता है कि समझौता कितनी जल्दी पूरा होता है। इस पहल में इज़राइल भी अमेरिका के साथ शामिल है।
सैन्य तैयारी और कूटनीतिक प्रयास
इस घोषणा से पहले अमेरिकी बल ईरान के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैनात थे। सैन्य तैयारियों का स्तर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा बताया गया था। भारी सैन्य दबाव के बावजूद, मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों ने राजनयिक वार्ता का अवसर देने की अपील की। अब सभी पक्षों से इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आग्रह किया गया है।

























