योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स हैंडल @myogiadityanath से एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि आज के दौर में ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड प्रयोग आज की आवश्यकताओं में है।" इसके साथ उन्होंने एक लिंक भी साझा किया।
हाल में कहां-कहां चला ड्रोन से सर्च ऑपरेशन
खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में ड्रोन आधारित सर्च अभियान लगातार सामने आए हैं। राजौरी में सीसीटीवी फुटेज में आधी रात को सड़क पार करते दो संदिग्ध नजर आने के बाद अलर्ट जारी किया गया और इलाके में भंगाई से लेकर कोपरा टॉप तक ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। किश्तवाड़ के जंगलों में जैश के आतंकियों के घिरे होने की जानकारी के बाद सेना ने वहां भी ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। वहीं हाथरस में तेंदुए जैसे एक जानवर के कुत्ते पर हमला करने के बाद वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर इलाके में तलाशी ली, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया था।
सुरक्षा बलों की ड्रोन ताकत भी बढ़ी
तलाशी अभियानों के अलावा सैन्य मोर्चे पर भी ड्रोन तकनीक को मजबूत किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए भारतीय ड्रोन की रेंज को तीन गुना तक बढ़ाया गया है, जिससे सीमा पार तक निगरानी और सटीक कार्रवाई की क्षमता बढ़ी है। इससे यह भी समझ आता है कि आदित्यनाथ की पोस्ट किस संदर्भ में सामने आई है, जब देशभर में तलाशी और सुरक्षा अभियानों में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
आदित्यनाथ की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो कुछ ने पोस्ट से जुड़े अन्य मुद्दों पर सवाल भी उठाए।

























