स्पेन में सेउटा प्रवासी संकट पर उबला जनआक्रोश, प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों लोगयूएस ओपन: दानिल मेदवेदेव ने चिड़ियों के दखल के बावजूद सेबेस्टियन गोर्ज़नी को हराकर तीसरे दौर में प्रवेश कियाएचबीओ मैक्स ने जारी की हैरी पॉटर सीरीज़ की नई झलक, नए कलाकारों संग हॉगवर्ट्स का दिखा भव्य रूपडोनाल्ड ट्रंप के करीबियों को समन का जवाब देने पर मजबूर करने के लिए बजट कटौती का हथियार इस्तेमाल करेगी कांग्रेसमूलांक 2 राशिफल 3 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र और रिश्तों में संतुलन बनाने का दिन, रखें यह सावधानीमाल्टा पत्रकार डाफने कारुआना गलीजिया हत्याकांड: कोर्ट ने उद्योगपति योर्गेन फेनेच को सभी आरोपों से किया बरीअमेरिकी डॉलर की स्विस फ्रैंक के खिलाफ बढ़त, तकनीकी संकेतों ने 0.8200 के स्तर पर टिकाई नजररॉबिनहुड चेन का नया कीर्तिमान: 3.75 मिलियन डॉलर की दैनिक फीस दर्ज, आर्बिट्रम इकोसिस्टम को भी मिला जबरदस्त फायदाएआई डेटिंग ऐप्स का दावा कितना सच: क्या एल्गोरिदम तय कर सकते हैं आपका परफेक्ट पार्टनरछत्तीसगढ़ के रायपुर रेलवे स्टेशन पर बदला प्रवेश नियम, गेट 2 बंद होने के बाद जानिए नया ट्रैफिक रूट प्लान
ड्रोन से सर्च और रेस्क्यू के इंटीग्रेटेड इस्तेमाल पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयाननेता जी
19 जुल॰ 2026, 2:31 pm (46 दिन पहले)· 0

ड्रोन से सर्च और रेस्क्यू के इंटीग्रेटेड इस्तेमाल पर योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा कि ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड इस्तेमाल आज की बड़ी जरूरत है। हाल के दिनों में राजौरी, किश्तवाड़ और हाथरस में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन चलाए जा चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स हैंडल @myogiadityanath से एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि आज के दौर में ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड प्रयोग आज की आवश्यकताओं में है।" इसके साथ उन्होंने एक लिंक भी साझा किया।

हाल में कहां-कहां चला ड्रोन से सर्च ऑपरेशन

खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में ड्रोन आधारित सर्च अभियान लगातार सामने आए हैं। राजौरी में सीसीटीवी फुटेज में आधी रात को सड़क पार करते दो संदिग्ध नजर आने के बाद अलर्ट जारी किया गया और इलाके में भंगाई से लेकर कोपरा टॉप तक ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया। किश्तवाड़ के जंगलों में जैश के आतंकियों के घिरे होने की जानकारी के बाद सेना ने वहां भी ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। वहीं हाथरस में तेंदुए जैसे एक जानवर के कुत्ते पर हमला करने के बाद वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर इलाके में तलाशी ली, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया था।

सुरक्षा बलों की ड्रोन ताकत भी बढ़ी

तलाशी अभियानों के अलावा सैन्य मोर्चे पर भी ड्रोन तकनीक को मजबूत किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए भारतीय ड्रोन की रेंज को तीन गुना तक बढ़ाया गया है, जिससे सीमा पार तक निगरानी और सटीक कार्रवाई की क्षमता बढ़ी है। इससे यह भी समझ आता है कि आदित्यनाथ की पोस्ट किस संदर्भ में सामने आई है, जब देशभर में तलाशी और सुरक्षा अभियानों में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

जनता की प्रतिक्रिया

आदित्यनाथ की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो कुछ ने पोस्ट से जुड़े अन्य मुद्दों पर सवाल भी उठाए।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर क्या पोस्ट किया?
उन्होंने लिखा कि ड्रोन आधारित सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन का इंटीग्रेटेड इस्तेमाल आज की जरूरत है और साथ में एक लिंक भी साझा किया।
राजौरी में सर्च ऑपरेशन क्यों चलाया गया?
सीसीटीवी में आधी रात दो संदिग्ध सड़क पार करते दिखे थे, जिसके बाद अलर्ट जारी कर ड्रोन और खोजी कुत्तों से तलाशी ली गई।
किश्तवाड़ में सेना का सर्च ऑपरेशन किसके खिलाफ था?
जानकारी के मुताबिक किश्तवाड़ के जंगलों में जैश के आतंकी घिरे हुए थे, जिनकी तलाश के लिए सेना ने ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली।
हाथरस में ड्रोन का इस्तेमाल क्यों हुआ?
तेंदुए जैसे एक जानवर के कुत्ते पर हमले के बाद वन विभाग ने इलाके में ड्रोन उड़ाकर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन क्षमता को क्या फायदा हुआ?
ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए भारतीय ड्रोन की रेंज को तीन गुना तक बढ़ाया गया है, जिससे निगरानी क्षमता बढ़ी है।
आदित्यनाथ के पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
पोस्ट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, कुछ यूजर्स ने समर्थन जताया तो कुछ ने अलग मुद्दों पर सवाल भी उठाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR