केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जरिए कोलकाता में हुए एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है, और इसी कड़ी में कोलकाता की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया में 'शब्द संग्रहालय' के पहले चरण का उद्घाटन किया गया।
क्या है शब्द संग्रहालय
अमित शाह के मुताबिक यह संग्रहालय देश की भाषाई विविधता को समर्पित है। इसे खासतौर पर इस मकसद से तैयार किया गया है कि भारत की भाषाओं और बोलियों से जुड़ी विरासत को व्यवस्थित तरीके से संजोया जा सके और आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। इस संग्रहालय को नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया, कोलकाता के परिसर में स्थापित किया गया है, जो देश की सबसे पुरानी और बड़ी लाइब्रेरियों में गिनी जाती है और लंबे समय से पुस्तकों व दस्तावेजों के बड़े संग्रह के लिए जानी जाती है।
22 भाषाएं और 9 डिजिटल गैलरी
पोस्ट में अमित शाह ने बताया कि यह संग्रहालय भारत की 22 भाषाओं, इनसे जुड़ी अलग-अलग उपभाषाओं यानी बोलियों, और 9 अत्याधुनिक डिजिटल गैलरियों के साथ तैयार किया गया है। इन डिजिटल गैलरियों के जरिए देश की भाषाई विरासत को आधुनिक तकनीक की मदद से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे विजिटर्स को भाषाओं के इतिहास, विकास और आपसी विविधता को समझने में आसानी होगी। अमित शाह ने इस पूरी परियोजना से जुड़ी एक झलक भी अपने पोस्ट में साझा की।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान का हिस्सा
अमित शाह ने इस उद्घाटन को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे व्यापक सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान से सीधे तौर पर जोड़ा। उनके मुताबिक शब्द संग्रहालय जैसी परियोजनाएं देश की भाषाई विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम हैं। पहले चरण के उद्घाटन के बाद आगे के चरणों में इस परियोजना का और विस्तार होने की उम्मीद जताई गई है, हालांकि पोस्ट में इसकी कोई अलग से समयसीमा नहीं दी गई है।
जनता की प्रतिक्रिया
अमित शाह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिलीजुली देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इस सांस्कृतिक पहल की सराहना करते हुए इसे भाषाई विरासत के संरक्षण के लिए सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ अन्य यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में इस विषय से हटकर अपने अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक सवाल और मांगें भी रखीं।



























