अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए शिक्षा को गरीबी और बेरोज़गारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने लिखा कि साक्षरता ही वह औज़ार है जो गरीबी के चक्र को तोड़ सकता है, बेरोज़गारी घटा सकता है और एक बेहतर भविष्य की नींव रख सकता है।
पोस्ट में उन्होंने क्या कहा
अपने पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि हर बच्चे को उसकी आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिलनी चाहिए, ताकि उसे बाकी दुनिया के साथ बराबरी से मुकाबला करने की ताकत मिल सके। उनका कहना था कि आर्थिक हालात किसी भी बच्चे के सीखने के अधिकार में रुकावट नहीं बनने चाहिए।
शिक्षा और गरीबी का रिश्ता
अरविंद केजरीवाल के पोस्ट का मूल संदेश यह था कि जिस समाज में साक्षरता दर जितनी ज़्यादा होती है, वहां रोज़गार के मौके भी उतने ही बेहतर होते हैं। उनके मुताबिक शिक्षा सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देती, बल्कि यह लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकालने का रास्ता भी दिखाती है। यही वजह है कि उन्होंने बच्चों की शिक्षा को आर्थिक असमानता से सीधे जोड़कर देखा।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की पृष्ठभूमि
हर साल 8 सितंबर को दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद लोगों को साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करना और शिक्षा से वंचित तबकों तक बुनियादी पढ़ाई-लिखाई पहुंचाने की कोशिशों को बढ़ावा देना है। इसी मौके पर कई नेताओं और संस्थाओं ने सोशल मीडिया पर शिक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए, जिनमें अरविंद केजरीवाल का यह पोस्ट भी शामिल रहा।
जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूज़र्स ने साक्षरता दिवस की शुभकामनाओं का समर्थन करते हुए शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार बताया, जबकि कई यूज़र्स ने उनकी सरकार की नीतियों और उनसे जुड़े नेताओं की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए पोस्ट को लेकर तंज भी कसे।



























