गोंडवाना साम्राज्य की महारानी दुर्गावती को उनके बलिदान दिवस पर याद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच X पर एक भावुक संदेश साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने रानी दुर्गावती को न्यायप्रिय शासिका और नारी शक्ति की जीवंत प्रतीक के रूप में याद किया।
क्या लिखा अमित शाह ने
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि रानी दुर्गावती ने स्वराज्य और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए मुगल आक्रांताओं के खिलाफ बड़ी वीरता से संघर्ष किया और इसी लड़ाई में अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने रानी को एक ऐसी शासिका बताया जिसने सत्ता को सिर्फ शासन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जनता के हित से जोड़ा।
जनकेंद्रित शासन की मिसाल
गृह मंत्री ने रानी दुर्गावती के शासनकाल को जनकेंद्रित बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज की भलाई के लिए कई मंदिर और धर्मशालाएं बनवाईं। उनके मुताबिक रानी का नेतृत्व इस बात की मिसाल है कि एक शासक का असली काम प्रजा के कल्याण के लिए समर्पित रहना है।
शौर्य और त्याग की प्रतीक
रानी दुर्गावती का जीवन शौर्य, आत्मसम्मान और त्याग का प्रतीक माना जाता है। मातृभूमि और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए उन्होंने जो साहस दिखाया, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है। अमित शाह के संदेश में भी इसी भावना को रेखांकित किया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों ने बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया देते हुए रानी दुर्गावती के शौर्य और प्रजा-केंद्रित शासन की सराहना की। कई लोगों ने उन्हें युगों-युगों तक प्रेरणा देने वाली वीरांगना बताते हुए उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।




















