महामारी की दोहरी मार: एक तरफ कोविड की वापसी, तो दूसरी ओर गुजरात में चंडीपुरा वायरस से 8 बच्चों ने तोड़ा दमदिल्ली में उग्र हुआ प्रदर्शन: टॉलस्टॉय मार्ग पर भीड़ का दिल्ली पुलिस और RAF पर भारी पथराव, दो ACP समेत पांच जवान घायलडोनाल्ड ट्रंप की बदले की चेतावनी ने कच्चे तेल के बाजार में लगाई आगराजस्थान में मानसून का रौद्र रूप: जयपुर से लेकर उदयपुर तक भारी बारिश की चेतावनी, 11 जिलों में रेड अलर्टटैको बेल और वॉलमार्ट लेट्यूस रिकॉल: डायरिया फैलाने वाले पैरासाइट के गलत टेस्ट पर एफडीए और टेलर फार्म्स में ठनीगोरखपुर में कार्यकर्ताओं से मिले योगी आदित्यनाथ, चुनाव जीतने के लिए दिया नरेंद्र मोदी का मंत्रअमेरिका की पाबंदियों को धता बताकर कैसे भारत के सीफूड निर्यात ने 73,800 करोड़ का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनायासियासत का 'ग्रे एरिया': दिल्ली में लाठीचार्ज के बीच पीएम मोदी और शरद पवार की आत्मीय मुलाकात ने उड़ाई इंडिया गठबंधन की नींदकच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मिडिल ईस्ट के तनाव से गिरे भारतीय रुपया और थाई बहत, कमजोर डॉलर बेअसरकांगड़ा की बोह घाटी में कुदरत का प्रहार: बादल फटने से 18 मकान जमींदोज, मलबे में तब्दील हुए कई गांव
गोरखपुर में कार्यकर्ताओं से मिले योगी आदित्यनाथ, चुनाव जीतने के लिए दिया नरेंद्र मोदी का मंत्रनेता जी
22 जुल॰ 2026, 5:02 pm (8 घंटे पहले)· 1

गोरखपुर में कार्यकर्ताओं से मिले योगी आदित्यनाथ, चुनाव जीतने के लिए दिया नरेंद्र मोदी का मंत्र

योगी आदित्यनाथ ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों के साथ बातचीत की और चुनाव जीतने के लिए जमीनी स्तर की रणनीति को सबसे जरूरी बताया।

जमीनी स्तर पर राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने के प्रयास के तहत, योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के महानगर और ग्रामीण विधान सभा क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह रणनीतिक संवाद विशेष रूप से उन जमीनी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए आयोजित किया गया था जो राजनीतिक संगठन के सबसे निचले स्तर पर काम करते हैं। इस कार्यक्रम के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सभा के प्रमुख विचार साझा किए। उनके संदेश में चुनाव प्रबंधन की बारीकियों और जनसमर्थन जुटाने में स्थानीय स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बहुत जोर दिया गया।

वोटिंग बूथ का असली कुरुक्षेत्र

इस राजनीतिक संवाद के केंद्र में वह मूल विचार था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर स्पष्ट रूप से दोहराते हैं। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के उस विश्वास को साझा किया जिसमें वोटिंग बूथ को किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव का असली कुरुक्षेत्र या युद्ध का अंतिम मैदान माना जाता है। कार्यकर्ताओं के लिए यह मार्गदर्शक मंत्र बिल्कुल स्पष्ट और सीधा है: अगर पार्टी ने बूथ जीत लिया, तो उसने पूरा चुनाव जीत लिया। बूथ अध्यक्षों के साथ इस सीधे संवाद के जरिए, नेतृत्व उन जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना चाहता है जो राजनीतिक दल और आम मतदाताओं के बीच एक जरूरी कड़ी के रूप में काम करते हैं। इन लोगों को मजबूत करना भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए एक आवश्यक कदम माना जाता है। अपने ऑनलाइन पोस्ट में, योगी आदित्यनाथ ने गर्व के साथ इस विशाल संगठनात्मक ढांचे की तारीफ करते हुए इसे विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बताया।

गोरखपुर के बारे में

इस जमीनी बातचीत के लिए गोरखपुर का चुनाव इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण काफी अहम है। गोरखपुर एक प्रमुख सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में काम करता है जो कई आसपास के जिलों से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस जिले की सीमाएं देवरिया और कुशीनगर से लगती हैं। इसके पश्चिम की ओर देखने पर संत कबीर नगर स्थित है। क्षेत्र की उत्तरी सीमाएं महराजगंज और सिद्धार्थनगर के साथ साझा होती हैं। इसके अलावा, दक्षिण की ओर जाने पर मऊ, आज़मगढ़ और अम्बेडकर नगर की सीमाएं मिलती हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों का यह बड़ा नेटवर्क इसे एक बड़े इलाके में राजनीतिक गतिविधियों के समन्वय के लिए एक बेहद रणनीतिक स्थान बनाता है।

जनता की प्रतिक्रिया

बूथ अध्यक्षों की बैठक के बारे में ऑनलाइन जानकारी आने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। पोस्ट के जवाबों का हिस्सा जल्द ही जनता की विभिन्न चिंताओं को सामने रखने का मंच बन गया। कुछ उपयोगकर्ताओं ने पोस्ट की पहुंच का इस्तेमाल करते हुए स्थानीय आपराधिक गतिविधियों की शिकायत की। उन्होंने विशेष रूप से गोंडा क्षेत्र में बेखौफ चल रहे मादक पदार्थों के धंधे का जिक्र किया और स्थानीय पुलिस व आबकारी विभाग की निगरानी पर सवाल उठाए। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने कड़ा राजनीतिक विरोध जताते हुए पार्टी को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया। इसके अलावा, रोजगार से जुड़ी गंभीर मांगें भी उठाई गईं, जिनमें नागरिकों ने सक्रिय रूप से कम से कम पचास हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती करने का अनुरोध किया। डिजिटल माध्यम से मिला यह फीडबैक साफ तौर पर उन जटिल मांगों को दर्शाता है जिनका सामना सार्वजनिक हस्तियों को सोशल मीडिया पर करना पड़ता है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने किनसे मुलाकात की?
योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के महानगर और ग्रामीण विधान सभा क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव जीतने का क्या मंत्र है?
उनका मानना है कि चुनाव का असली कुरुक्षेत्र बूथ होता है और बूथ जीतने का मतलब पूरा चुनाव जीतना है।
गोरखपुर जिले की सीमाएं किन जिलों से लगती हैं?
गोरखपुर की सीमाएं देवरिया, कुशीनगर, संत कबीर नगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, मऊ, आज़मगढ़ और अम्बेडकर नगर से लगती हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या मांग की?
कई लोगों ने गोंडा में मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की और कुछ ने पचास हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का अनुरोध किया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR