शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने पाठकों को द हिंदू में छपे अपने नए कॉलम की जानकारी दी, जिसमें खाड़ी और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलते सत्ता-समीकरणों पर बात की गई है और यह सवाल उठाया गया है कि क्या नई दिल्ली को इस इलाके के प्रति अपना नजरिया बदलने की जरूरत है।
थरूर ने पोस्ट में क्या लिखा
@ShashiTharoor हैंडल से किए गए इस पोस्ट में थरूर ने बताया कि उनका यह कॉलम खाड़ी और व्यापक पश्चिम एशिया क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति पर केंद्रित है। उनके मुताबिक, इस क्षेत्र में नई सुरक्षा व्यवस्थाएं आकार ले रही हैं, और अलग-अलग तरीकों से ये व्यवस्थाएं भारत के हितों को प्रभावित कर सकती हैं। पोस्ट के आखिर में उन्होंने सीधा सवाल पूछा कि क्या अब नई दिल्ली को इस क्षेत्र के लिए नई रणनीति अपनाने का वक्त आ गया है।
भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र क्यों अहम है
खाड़ी और पश्चिम एशिया लंबे समय से भारत की विदेश नीति में अहम स्थान रखते हैं, क्योंकि यहां से भारत को बड़े पैमाने पर ऊर्जा आपूर्ति होती है और यहां लाखों भारतीय काम करते हैं। थरूर का यह कॉलम ऐसे समय आया है जब कई देश इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा साझेदारियों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं, एक ऐसा रुझान जो नाटो और भारत-अमेरिका संबंधों जैसे दूसरे मोर्चों पर भी देखा जा रहा है। थरूर अपने कॉलम में खाड़ी में हो रहे इन बदलावों को इसी बड़े बदलाव के हिस्से के तौर पर पेश करते हैं, जिसे भारत नजरअंदाज नहीं कर सकता।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। शिक्षक दिवस के मौके पर कई यूजर्स ने थरूर को उनकी किताबों, भाषणों और भाषा पर पकड़ से मिली सीख के लिए आभार जताया। वहीं कुछ यूजर्स ने शिकायत की कि कॉलम की तस्वीरें ठीक से पढ़ी नहीं जा सकतीं और अखबार की वेबसाइट पर पेवॉल की वजह से आम पाठकों के लिए इसे पढ़ पाना मुश्किल है।

























