देशभर में बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से आयोजित 54वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 16,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले अहम प्रोजेक्ट्स की व्यापक समीक्षा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बनाकर लंबे समय से अटके या चल रहे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के तेजी से क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया।
रेलवे स्टेशनों का मल्टीमॉडल हब के रूप में कायाकल्प
समीक्षा बैठक के दौरान रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया। योजना के तहत प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को एक ही स्थान पर रेल, बस, मेट्रो और अन्य स्थानीय परिवहन साधनों का निर्बाध संपर्क मिल सके। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी परिवहन को सुगम बनाना और आवागमन के बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
फर्मा सेक्टर में आत्मनिर्भरता और दवा उत्पादन
स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र के संदर्भ में, बैठक में दवा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। देश के भीतर एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रिडिएंट्स (API) और जरूरी दवाओं के घरेलू उत्पादन को मजबूत करने पर बल दिया गया, ताकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता को कम किया जा सके और स्वास्थ्य क्षेत्र की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
कारीगरों के सशक्तिकरण के लिए एकता मॉल
स्थानीय शिल्प, हथकरघा और पारंपरिक उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध कराने के लिए एकता मॉल परियोजना की प्रगति भी जांची गई। इन मॉल्स के माध्यम से देश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए आधुनिक रिटेल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी
बैठक के प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निरंतर निगरानी से उनकी लागत और समय की बचत होती है। समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जनता की प्रतिक्रिया
इस समीक्षा बैठक के सामने आने के बाद आम लोगों ने बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय कारीगरों को समर्थन देने की पहल का स्वागत किया, जबकि कुछ नागरिकों ने शहरी स्वच्छता और दवाओं के कच्चे माल के लिए बाहरी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में और ठोस कदम उठाने के सुझाव भी दिए।


























