उत्तर प्रदेश की एक बड़ी आधारभूत परियोजना से जुड़ी भावनात्मक तस्वीर उस समय सामने आई, जब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान विमान की पहली उड़ान में सवार होकर लखनऊ पहुंचे। योगी आदित्यनाथ ने इस पल को सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया।
किसानों का सम्मान, संवाद का मंच
अपनी पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने इन किसानों को 'अन्नदाता' कहकर संबोधित किया और बताया कि एयरपोर्ट के निर्माण हेतु भूमि समर्पित करने वाले इन किसानों के लखनऊ आगमन पर उनके स्वागत तथा उनसे संवाद के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पहली उड़ान, खास सवारी
इस पूरे आयोजन की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि जिन किसानों ने परियोजना के लिए अपनी भूमि दी, वही पहली उड़ान के यात्री बने। यानी जिस हवाई अड्डे की नींव में उनकी जमीन शामिल है, उसी से जुड़ी पहली हवाई यात्रा का अनुभव भी सबसे पहले उन्हीं को मिला। यह कदम किसानों के योगदान को सार्वजनिक रूप से रेखांकित करने और उन्हें परियोजना का हिस्सेदार मानने के संदेश के रूप में देखा गया।
क्यों अहम है यह परियोजना
जेवर में बन रहा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की प्रमुख महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके लिए जमीन देने वाले किसानों को आयोजन के केंद्र में रखना यह दर्शाता है कि सरकार इस परियोजना की सफलता को स्थानीय समुदाय के सहयोग से जोड़कर प्रस्तुत करना चाहती है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कई लोगों ने किसानों को सम्मान देने के इस कदम की सराहना की और इसे प्रेरक बताया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने रोजगार और परियोजना से जुड़े असली लाभ को लेकर सवाल भी उठाए।













