आस्था पर प्रहार करने वालों पर बरसे योगी आदित्यनाथ, 2017 से पहले के दंगों की याद दिलाई
सोशल मीडिया पर एक कड़े संदेश में योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के हालात का जिक्र करते हुए कहा है कि तब दंगों और अराजकता का बोलबाला था। उन्होंने आस्था का विरोध करने वालों के अब आस्थावान बनने पर भी सवाल खड़े किए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के समय की स्थितियों का जिक्र करते हुए एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उस दौर में दंगे होना एक आम बात थी और हर तरफ अराजकता अपनी चरम सीमा पर थी।
बदले हुए रवैये पर सीधा प्रहार
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उन लोगों के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाया, जिनका रुख अब पूरी तरह से बदल गया है। योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि पहले आस्था को निशाना बनाने वाले अब बिल्कुल अलग व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जो आस्था पर उस समय प्रहार करते थे, आज वे सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले चुके हैं।"