कच्चे तेल में तेजी और नए टैरिफ के खतरों से थमी बिटकॉइन की रफ्तार, जानिए क्या कहते हैं तकनीकी संकेतलाइव: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सरकार के साथ बैठक करेगी CJPइंफोसिस में बड़े बदलाव की तैयारी, 2027 से आशीष कुमार डैश होंगे कंपनी के नए CEOयूरो ज़ोन मैन्युफैक्चरिंग PMI में अप्रत्याशित उछाल, भू-राजनीतिक संकट से करेंसी और क्रिप्टो की तेजी पर ब्रेकमूलांक 6 दैनिक अंकज्योतिष: कार्यक्षेत्र में बढ़ाएं अपना फोकस और फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाममूलांक 6 का रहस्य: जानिए क्यों 6, 15 और 24 तारीख को जन्मे लोगों को मिलती है अपार दौलत, प्यार और लग्जरी लाइफलाइव: जहाजों के मार्ग पर बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तेज हुए सैन्य हमलेमूलांक 4 और 7 वाले लोगों के जीवन में क्यों आती हैं अचानक मुसीबतें? जानिए राहु-केतु के प्रभाव और बचने के उपाययूरोज़ोन में शानदार PMI आंकड़ों के बावजूद यूरो पर दबाव, ट्रंप के टैरिफ और मध्य पूर्व संकट से डॉलर मजबूतअखिलेश यादव ने 'जड़' और 'फल' के रूपक से भाजपा पर साधा निशाना, देश की समस्याओं के लिए ठहराया जिम्मेदार
रक्षा क्षेत्र में बड़ी उड़ान: स्वदेशी कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण पर योगी आदित्यनाथ ने की डीआरडीओ की तारीफनेता जी
23 जुल॰ 2026, 10:42 pm (1 दिन पहले)· 3

रक्षा क्षेत्र में बड़ी उड़ान: स्वदेशी कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण पर योगी आदित्यनाथ ने की डीआरडीओ की तारीफ

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा कुशा मिसाइल के पहले सफल उड़ान परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैज्ञानिकों की सराहना की है। यह सफलता भारत के रक्षा निर्यात में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि और आत्मनिर्भरता के व्यापक लक्ष्य से जुड़ती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी एयरोस्पेस उपलब्धि के बाद रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की जमकर सराहना की है। इस प्रमुख एजेंसी ने हाल ही में स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, जिसे कुशा के नाम से जाना जाता है, का अपना पहला सफल उड़ान परीक्षण पूरा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खबर को साझा करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस सफलता को देश की सैन्य स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया और इस परियोजना के पीछे काम करने वाले कर्मियों की तारीफ की।

वैज्ञानिकों की प्रतिभा का सम्मान

अपने डिजिटल संदेश में, राजनीतिक नेता ने इस बात पर जोर दिया कि कुशा मिसाइल का विकास एक मजबूत और आत्मनिर्भर सैन्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में एक अहम मुकाम का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यह पहला परीक्षण सीधे तौर पर हमारे वैज्ञानिकों की "प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है।" उम्मीद जताई जा रही है कि यह लंबी दूरी की इंटरसेप्शन प्रणाली देश की हवाई सुरक्षा को काफी मजबूत करेगी। यह प्रणाली हवाई खतरों के खिलाफ एक रणनीतिक ढाल प्रदान करेगी और विदेशी आयात पर निर्भर हुए बिना तकनीकी संप्रभुता को मजबूत करेगी।

रक्षा निर्यात और वैश्विक भरोसे में उछाल

यह सफल मिसाइल लॉन्च देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र में हो रहे एक बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि में हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-2026 के वित्तीय वर्ष में सैन्य निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। पिछले चक्रों की तुलना में यह लगभग 63 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है, जो घरेलू इंजीनियरिंग में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास का संकेत है। विदेशी देश तेजी से इन नवाचारों की ओर देख रहे हैं, और रक्षा जरूरतों के लिए भारत पर भरोसा जता रहे हैं। उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया अपनी सेना को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से एक से अधिक ब्रह्मोस मिसाइल बैटरी शामिल करने पर विचार कर रहा है।

राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के लिए व्यापक दृष्टिकोण

आत्मनिर्भरता की यह मुहिम केवल हथियारों के विकास तक सीमित नहीं है। व्यापक अर्थव्यवस्था में, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बड़े लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। लगातार दूसरे वर्ष, घरेलू कोयला उत्पादन ने एक अरब टन का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधन सुरक्षित हुए हैं। समुद्री और इस्पात उद्योगों में भी इसी तरह की प्रगति दिखाई दे रही है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति सहित उच्च पदस्थ अधिकारियों ने हाल ही में इस बात पर प्रकाश डाला है कि आत्मनिर्भरता की यह व्यापक रणनीति किस प्रकार समावेशी विकास को सक्रिय रूप से गति दे रही है और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित कर रही है।

जनता की प्रतिक्रिया और घरेलू बहस

सोशल मीडिया पर की गई इस घोषणा पर जनता की ओर से कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। उपयोगकर्ताओं के एक बड़े वर्ग ने डीआरडीओ की इस रणनीतिक छलांग का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह देश की रक्षा निर्माण क्षमताओं को नई ऊंचाई पर ले जाता है, जबकि राजनीतिक समर्थकों ने 2027 के आगामी चुनावों से पहले अपनी वफादारी की पुष्टि की। हालांकि, टिप्पणी अनुभाग में नागरिकों ने बातचीत को घरेलू नीति की ओर भी मोड़ दिया। कुछ छात्रों ने शिक्षा की समानता और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए, जबकि अन्य लोगों ने क्षेत्रीय राजनीतिक रणनीतियों और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। यह सोशल मीडिया चर्चा राष्ट्रीय गौरव और रोजमर्रा की नागरिक चिंताओं के एक जटिल मिश्रण को दर्शाती है।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

कुशा मिसाइल क्या है?
यह एक स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है।
कुशा मिसाइल का सफल परीक्षण किसने किया?
इसका परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर क्या कहा?
उन्होंने इसे सैन्य आत्मनिर्भरता का अहम पड़ाव बताया और वैज्ञानिकों की प्रतिभा की तारीफ की।
हाल ही में भारत के रक्षा निर्यात में कितनी वृद्धि हुई है?
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में रक्षा निर्यात लगभग 63 प्रतिशत बढ़कर ₹38,424 करोड़ हो गया है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अन्य किस क्षेत्र में रिकॉर्ड बना है?
घरेलू कोयला उत्पादन ने लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन का आंकड़ा पार कर लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR