आधुनिक त्रिपुरा के निर्माता कहे जाने वाले महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर की 118वीं जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया जा रहा है। इस खास मौके पर राजनाथ सिंह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, नितिन नवीन और प्रद्योत किशोर सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी अगरतला सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर महाराजा द्वारा त्रिपुरा के समग्र विकास में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया गया।
राजनाथ सिंह का संदेश और श्रद्धांजलि
सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए राजनाथ सिंह ने महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर को आधुनिक त्रिपुरा का मुख्य शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि महाराजा एक अत्यंत दूरदर्शी शासक थे, जिन्होंने राज्य की हर क्षेत्र में प्रगति के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। राजनाथ सिंह ने महाराजा के योगदान को नमन करते हुए कहा कि त्रिपुरा की उन्नति और विकास में उनका ऐतिहासिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
त्रिपुरा में जयंती समारोह और मुख्यमंत्री माणिक साहा का वक्तव्य
महाराजा बीर बिक्रम की 118वीं जयंती के उपलक्ष्य में त्रिपुरा में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन रवींद्र शतवार्षिकी भवन में किया गया। इस दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और नितिन नवीन ने महाराजा बीर बिक्रम की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि महाराजा बीर बिक्रम एक ऐसे महान नेता थे, जिन्होंने आधुनिक त्रिपुरा की मजबूत नींव रखी थी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य के निर्माण में महाराजा के अतुलनीय योगदान को इतिहास के पन्नों में हमेशा सहेज कर रखा जाना चाहिए और इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्रद्योत किशोर की मांग और महाराजा का विज़न
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रद्योत किशोर ने भी महाराजा बीर बिक्रम के सपनों को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने तिप्रासा समुदाय के लोगों के लिए भूमि अधिकारों की पुरजोर मांग उठाई और सरकार से महाराजा बीर बिक्रम के विज़न को पूर्ण रूप से लागू करने का आग्रह किया। प्रद्योत किशोर ने स्पष्ट किया कि राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा करना ही महाराजा बीर बिक्रम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस सोशल मीडिया पोस्ट पर आम नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। जहां अनेक लोगों ने महाराजा बीर बिक्रम के ऐतिहासिक कार्यों के प्रति अपना गहरा सम्मान प्रकट किया, वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने अपने क्षेत्रों की स्थानीय नागरिक समस्याओं, सुरक्षा स्थिति और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करने की मांग रखी।



























