सितंबर के महीने में जैसे ही भीषण गर्मी का असर कम होने लगता है, पेड़-पौधों के शौकीनों के लिए बोगनवेलिया रोपने का सबसे मुफीद समय आ जाता है। यह मौसम पौधे को किसी नई जगह या गमले में आसानी से जड़े जमाने का बेहतर मौका देता है। बोगनवेलिया अपनी मजबूती और सुंदर, रंग-बिरंगे फूलों के लिए जाना जाता है। हालांकि इसे बहुत अधिक देखरेख की दरकार नहीं होती, लेकिन पौधे को शुरुआती दिनों में सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी दिया जाए, तो यह तेजी से बढ़ता है और आपके घर या बगीचे की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है।
भरपूर धूप वाली जगह का चुनाव
बोगनवेलिया को सीधी और तेज धूप बेहद पसंद होती है। भरपूर फूल हासिल करने के लिए पौधे को हमेशा ऐसी जगह पर लगाएं जहां उसे हर दिन कई घंटों तक बिना किसी रुकावट के सीधी धूप मिले। यदि इसे बहुत अधिक छायादार जगह पर रखा जाएगा, तो इसकी शारीरिक बढ़त पर बुरा असर पड़ेगा और इसमें फूल भी काफी कम या न के बराबर आएंगे।
गमले की निकासी और मिट्टी का संतुलन
पानी का जमाव बोगनवेलिया की जड़ों के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है। अगर आप इसे गमले में लगा रहे हैं, तो गमले के निचले हिस्से में जल निकासी के लिए पर्याप्त छेद होने चाहिए। जड़ों के इर्द-गिर्द ठहरा हुआ पानी पौधे को नुकसान पहुंचाता है और जड़ सड़ने की आशंका को बढ़ा देता है। इसके लिए ऐसी मिट्टी तैयार करें जिसमें पानी रुकने के बजाय आसानी से बाहर निकल जाए। सामान्य बगीचे की मिट्टी में बालू रेत और अच्छी तरह से सड़ी हुई जैविक खाद मिलाकर एक हल्की मिट्टी का मिश्रण तैयार करें। चिकनी या बहुत भारी मिट्टी के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
सिंचाई और खाद की सही तकनीक
रोपाई के बाद मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन हर समय पानी देते रहने से बचें। सिंचाई केवल तभी करें जब मिट्टी की ऊपरी परत छूने पर पूरी तरह सूखी महसूस हो। इसके अलावा, पौधा लगाने के तुरंत बाद भारी मात्रा में खाद देने की कोई जरूरत नहीं होती। जब पौधा पूरी तरह स्थापित हो जाए, तब थोड़ी मात्रा में जैविक खाद दी जा सकती है। ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद का प्रयोग करने से पौधे में फूलों की जगह केवल पत्तियां और टहनियां ही ज्यादा बढ़ती हैं।
बेल के विकास के लिए जाली और सहारा
बोगनवेलिया एक फैलने वाली बेल की तरह बढ़ने वाला पौधा है। इसे सही दिशा में फैलाने के लिए लकड़ी के ढांचे, जाली या ट्रेलिस का सहारा देना बहुत फायदेमंद होता है। मजबूत सहारा मिलने से पौधा एक सुव्यवस्थित तरीके से बढ़ता है, जिससे दीवार या बालकनी का वह हिस्सा बेहद खूबसूरत नजर आने लगता है।
सही औजारों से छंटाई और आकार देना
पौधे को सही आकार में बनाए रखने और नई कलियों को बढ़ावा देने के लिए छंटाई बेहद आवश्यक है। सूखी, कमजोर या बेतरतीब ढंग से बढ़ी हुई शाखाओं को समय-समय पर काटते रहें। छंटाई के लिए हमेशा साफ और तेज धार वाले कैंची या औजार का ही इस्तेमाल करें। इस बात का ध्यान रखें कि एक ही बार में बहुत ज्यादा शाखाएं न काटें, क्योंकि इससे पौधे के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।



















