प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सांख्यिकी और अनुसंधान ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम योजना को स्वीकृति दी गई है। सरकार ने विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च यानी विस्तार (VISTAR) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए मंजूरी प्रदान की है। इस रणनीतिक पहल का उद्देश्य देश के डेटा विश्लेषण, अनुसंधान और नीति निर्माण प्रक्रियाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
विस्तार योजना की मुख्य विशेषताएं
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई विस्तार योजना 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लागू रहेगी। यह योजना सांख्यिकी प्रणाली में आधुनिक एनालिटिक्स और व्यापक शोध क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए रणनीतिक लचीलापन प्रदान करेगी। सरकारी नीतियों के सटीक मूल्यांकन और वास्तविक समय के डेटा प्रबंधन के लिए यह ढांचा प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दी जानकारी
केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कैबिनेट द्वारा लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले के बारे में सोशल मीडिया पर विवरण साझा किया। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकसित भारत के विजन को गति देने के लिए विस्तार योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह योजना नीतियों को गतिशील और रणनीतिक रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करेगी।
महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों का दायरा
कैबिनेट की बैठक में आर्थिक और राष्ट्रीय विकास से जुड़े कई अन्य अहम प्रस्तावों पर भी विमर्श किया गया। केंद्र सरकार लगातार ऐसे संस्थागत सुधारों पर जोर दे रही है जिससे देश के विकास लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके। विस्तार योजना के जरिए सांख्यिकी और अनुसंधान क्षेत्र में तकनीक आधारित आधुनिकीकरण को नई दिशा मिलेगी।

























