केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए अहम कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इन प्रस्तावों से न केवल यात्रा सुगम होगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस सिलसिले में एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र किया है।
मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को हरी झंडी
मंत्रिमंडल की बैठकों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में कुल 656 किलोमीटर लंबी तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन रेल और मार्ग परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों के बीच माल ढुलाई को सुगम बनाना और यातायात के दबाव को कम करना है।
2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य
इन विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की योजना बनाई गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इन सभी तीन मल्टी-ट्रैकिंग पहलों को वर्ष 2029-30 तक पूरा कर लिए जाने का अनुमान है। इस पर आने वाली कुल अनुमानित लागत से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
देश के अन्य हिस्सों में बुनियादी ढांचे का विस्तार
हाल के महीनों में केंद्र सरकार ने देश भर में हाईवे, मेट्रो और रेलवे के विस्तार के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें कानपुर और कब्रई के बीच हाईवे निर्माण, जयपुर मेट्रो का दूसरा चरण, ओडिशा का तटीय राजमार्ग और नोएडा मेट्रो का विस्तार जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन सभी पहलों का मकसद लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर इन घोषणाओं के बाद लोगों ने क्षेत्र के विकास और संपर्क साधनों के विस्तार पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं और सरकार की इस पहल का स्वागत किया।


























