भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो के साथ फोन पर उच्च स्तरीय कूटनीतिक चर्चा की है। इस रणनीतिक बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और वैश्विक मंचों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बातचीत के मुख्य बिंदु
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि फ्रांस के विदेश मंत्री के साथ यूक्रेन के हालात, खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के रणनीतिक घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। एस. जयशंकर ने आगे कहा कि वे दोनों नेताओं के बीच होने वाली अगली बैठक को लेकर उत्सुक हैं।
कूटनीतिक महत्व और द्विपक्षीय संबंध
यह वार्ता वैश्विक शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर भारत और फ्रांस के बीच लगातार बने रहने वाले उच्च स्तरीय समन्वय को दर्शाती है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बहुपक्षीय सहयोग तक कई क्षेत्रों में एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार हैं। यूरोप और मध्य पूर्व में चल रही उथल-पुथल के बीच यह संवाद दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को और मजबूत करता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस संवाद की जानकारी सामने आने के बाद कई लोगों ने वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में भारत की बढ़ती मध्यस्थ भूमिका का समर्थन किया। वहीं कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस अवसर का उपयोग अपनी व्यक्तिगत प्रशासनिक समस्याओं जैसे पासपोर्ट संबंधी देरी की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए भी किया।



























