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नई दिल्ली में एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया से रिश्तों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाईनेता जी
7 सित॰ 2026, 9:01 pm (52 दिन पहले)· 2

नई दिल्ली में एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया से रिश्तों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में पश्चिम एशिया से भारत के रिश्तों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाई, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा और समुद्री सहयोग पर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज नई दिल्ली में भारत के पश्चिम एशिया से रिश्तों को लेकर एक परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस जानकारी को उन्होंने खुद सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने हैंडल @DrSJaishankar से साझा किया।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान एस. जयशंकर ने खाड़ी और WANA यानी पश्चिम एशिया-उत्तर अफ्रीका क्षेत्र के साथ भारत के करीबी रिश्तों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इन देशों के साथ भारत की साझेदारी काफी पुरानी है और इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री सहयोग और लोगों से लोगों के बीच के रिश्ते जैसे कई पहलू शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे कैसे बढ़ाया जाए, इस पर समिति के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श हुआ।

परामर्शदात्री समितियों की भूमिका

संसद से जुड़ी परामर्शदात्री समितियां आमतौर पर किसी मंत्रालय की नीतियों और कामकाज पर सांसदों की राय लेने के लिए बनाई जाती हैं। हाल के महीनों में विदेश और अन्य मंत्रालयों से जुड़ी ऐसी कई बैठकें हो चुकी हैं। इसी तरह की एक बैठक में एस. जयशंकर पहले भारत-अफ्रीका संबंधों पर भी परामर्शदात्री समिति की अध्यक्षता कर चुके हैं, जिसमें व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा, दूरसंचार, वन्यजीव संघर्ष रोकथाम और तकनीक जैसे विषयों पर भी अलग-अलग मंत्रियों ने ऐसी समितियों की बैठकें बुलाई हैं। इससे साफ है कि सरकार अलग-अलग नीतिगत मुद्दों पर सांसदों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रही है। भारत पिछले कुछ समय से खाड़ी और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों में अपनी कूटनीतिक और व्यापारिक मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है, और पश्चिम एशिया पर यह बैठक भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

क्यों अहम है पश्चिम एशिया से भारत का रिश्ता

खाड़ी देश भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति, प्रवासी भारतीयों के रोजगार और व्यापार के लिहाज से बेहद अहम रहे हैं। लाखों भारतीय नागरिक इन देशों में काम करते हैं और वहां से हर साल बड़ी रकम भारत भेजते हैं। यही वजह है कि व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग पर होने वाली हर बड़ी बैठक को अहमियत दी जाती है।

जनता की प्रतिक्रिया

पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कई यूजर्स ने पश्चिम एशिया से रिश्ते मजबूत करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने की पहल की तारीफ की, तो कुछ ने ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर और ध्यान देने का सुझाव दिया। वहीं कुछ यूजर्स ने इस पोस्ट पर विदेश नीति से हटकर घरेलू राजनीतिक मुद्दे भी उठाए।

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सवाल-जवाब

यह बैठक किसने बुलाई?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक कब और कहां हुई?
यह बैठक आज नई दिल्ली में हुई।
बैठक का मुख्य विषय क्या था?
भारत के पश्चिम एशिया, यानी खाड़ी और WANA क्षेत्र, से रिश्ते इस बैठक का केंद्रीय विषय थे।
किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री सहयोग और लोगों से लोगों के बीच के रिश्तों पर चर्चा हुई।
यह जानकारी कैसे सामने आई?
एस. जयशंकर ने खुद सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
प्रतिक्रिया मिली-जुली रही, कुछ ने पहल की तारीफ की तो कुछ ने ऊर्जा-सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए।
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