मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट (एक्स) से एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि लखनऊ में आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने इसे 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में एक अहम कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा,
सक्षम प्रशासन और समृद्ध अन्नदाता 'विकसित उत्तर प्रदेश' की सुदृढ़ आधारशिला हैं। इसी संकल्प के साथ आज लखनऊ में आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण हेतु ₹464 करोड़ से अधिक की लागत से 22 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के भवन का जिक्र किया।
इस पोस्ट से साफ है कि मुख्यमंत्री सक्षम प्रशासनिक तंत्र और किसानों की समृद्धि, दोनों को राज्य के विकास का आधार मानते हैं और नई अकादमी को इसी सोच से जोड़ते हैं।
क्या है यह अकादमी
लखनऊ में बनी डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का यह भवन 22 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला है। इसके निर्माण पर ₹464 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है। पोस्ट के मुताबिक इस भवन का मकसद प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तरीकों से प्रशिक्षित करना है, ताकि प्रशासनिक कामकाज और सेवाएं ज्यादा प्रभावी बन सकें।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और क्षेत्रफल के हिसाब से देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक और विधायिक राजधानी है, जबकि प्रयागराज को न्यायिक राजधानी का दर्जा मिला है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर राज्य के अन्य महत्वपूर्ण शहर हैं। उत्तर प्रदेश की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से मिलती हैं। इसके अलावा राज्य के उत्तर में नेपाल की सीमा भी लगती है। इतने बड़े राज्य में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाना क्यों जरूरी है, इसी संदर्भ में लखनऊ की यह नई अकादमी अहम मानी जा रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने अकादमी के निर्माण और प्रशासनिक सुधार की इस पहल की सराहना की, वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने इसी पोस्ट के जवाब में अपनी निजी शिकायतें और समस्याएं भी उठाईं और मुख्यमंत्री से जल्द ध्यान देने की अपील की।





















