13 अगस्त 2026 को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि के अवसर पर देश भर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जा रहा है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए संदेश में मराठा साम्राज्य की महान शासिका को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अहिल्याबाई होलकर के लोककल्याणकारी शासन, अदम्य साहस, प्रशासनिक कुशलता और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों को नमन किया।
राजनाथ सिंह का संदेश और श्रद्धांजलि
अपने संदेश में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने सुशासन और कुशल प्रशासन की एक अनुपम मिसाल स्थापित की थी। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती दी, बल्कि देश भर में धार्मिक और जनसुविधा वाले स्थलों का निर्माण कराया। रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से वाराणसी स्थित प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, देश भर में अनेक मंदिरों, गंगा घाटों, कुओं, तालाबों और धर्मशालाओं के निर्माण में उनके अभूतपूर्व योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कौन थीं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर
अहिल्याबाई होलकर मराठा साम्राज्य की एक अत्यंत लोकप्रिय और न्यायप्रिय शासिका थीं। उनका विवाह सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खांडेराव होलकर से हुआ था। अपने पति और ससुर के निधन के पश्चात उन्होंने राज्य का कार्यभार संभाला और मध्य भारत में स्थित माहेश्वर को अपनी प्रशासनिक राजधानी बनाया। उनके शासनकाल को शांति, समृद्धि, निष्पक्ष न्याय व्यवस्था और जनकल्याण के लिए जाना जाता है। उनके दौर में जारी किए गए सिक्के उनकी सुदृढ़ सैन्य शक्ति और दूरदर्शी प्रशासनिक नीति का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
सांस्कृतिक धरोहर का पुनरुद्धार और सुशासन
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासन का मुख्य उद्देश्य प्रजा की निस्वार्थ सेवा को बनाया। उन्होंने उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कई धर्मशालाएं, जल स्रोत और मार्ग बनवाए। जब तत्कालीन कालखंड में अनेक ऐतिहासिक मंदिरों को क्षति पहुंची थी, तब उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराकर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की रक्षा की। उनका सुशासन आज भी जनसेवा और न्यायपूर्ण नीति का आदर्श माना जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नागरिकों ने अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया और रक्षा मंत्री के संदेश का समर्थन किया। इसके साथ ही, कुछ उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी अनुभाग के माध्यम से अपनी स्थानीय समस्याओं, जैसे कि बिजली बिल और प्रशासनिक स्तर की शिकायतों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।


























