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लेट समर में मानसिक सेहत सुधारने के आठ आसान और विज्ञान सम्मत उपायस्वास्थ्य
14 अग॰ 2026, 2:21 am (1 घंटे पहले)· 2

लेट समर में मानसिक सेहत सुधारने के आठ आसान और विज्ञान सम्मत उपाय

गर्मी के ढलते दिनों के बीच वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि लाइव म्यूजिक, स्टारगेजिंग और आउटडोर पिकनिक जैसी आसान गतिविधियां बिना भारी-भरकम खर्च के भी मानसिक तनाव घटाकर मूड को तरोताजा कर सकती हैं।

बैकपैक और पेंसिल का मौसम यानी नए अकादमिक सत्र की शुरुआत करीब है, लेकिन गर्मी की छुट्टियों का खुशनुमा अहसास बनाए रखने के लिए अभी भी पर्याप्त समय बाकी है। छुट्टियों और मौज-मस्ती के इस खुशनुमा माहौल को जितना संभव हो सके आगे खींचने में कोई बुराई नहीं है। इसके लिए न तो बड़े-बड़े सूटकेस पैक करने की जरूरत है, न ही गाड़ियों में महंगा ईंधन भराने या क्रेडिट कार्ड के भारी बिल चुकाने की मजबूरी है। मानसिक और आत्मिक ताजगी देने वाले ये आसान उपाय न केवल बेहद किफायती हैं, बल्कि विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों से भी यह साबित हो चुका है कि ये हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इससे पहले कि आप अपने हल्के कपड़ों और सैंडल्स को अलमारी में रखकर सर्दियों के बूट्स और स्वेटर निकालें, इन वैज्ञानिक तरीकों से अपने मूड को बेहतर बनाने का आनंद लें।

लाइव म्यूजिक और सामूहिकता का जादुई अहसास

संगीत के माध्यम से मिलने वाली मानसिक खुशी हासिल करने के लिए किसी महंगे कंसर्ट का टिकट खरीदना बिल्कुल जरूरी नहीं है। सामाजिक मनोविज्ञान के शोधकर्ताओं के अनुसार, जब लोग किसी सकारात्मक सामूहिक गतिविधि में एक साथ शामिल होते हैं, तो वे एक विशेष प्रकार की निकटता और जुड़ाव महसूस करते हैं। इस भावना को वैज्ञानिक 'कलेक्टिव इफ़रवेसेंस' यानी सामूहिक उत्साह की संज्ञा देते हैं। यह अहसास कंसर्ट और लाइव प्रदर्शनों के दौरान मिलने वाली मानसिक ताजगी की मुख्य वजह होता है। यद्यपि घर में अकेले गाने सुनना भी आनंददायक होता है, लेकिन भीड़ के बीच बैठकर संगीत सुनने से पैदा होने वाला सामाजिक जुड़ाव और पवित्र अहसास कहीं अधिक गहरा होता है। सेज जर्नल्स में प्रकाशित शोध के मुताबिक, इस सामूहिक अनुभव से मिलने वाला मानसिक उछाल और सकारात्मकता कार्यक्रम समाप्त होने के पूरे एक सप्ताह बाद तक बनी रह सकती है।

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स्थानीय स्तर पर मुफ्त या बेहद सस्ते लाइव म्यूजिक के कई विकल्प आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। किसी स्थानीय पार्क के मंडप में बजने वाला पुराना स्विंग बैंड हो, पास के किसी कैफे के आंगन में प्रस्तुति देता गायक हो, या फिर किसी खुले मैदान में गूंजती ऑर्केस्ट्रा की धुन हो, ये सभी मन को खुशियों से भर सकते हैं। अपने साथ एक चटाई या कंबल ले जाएं, बच्चों को खुली घास पर दौड़ने दें और इस सामूहिक उत्साह व मिठास को अपने भीतर समाने दें।

जल निकायों की ओर रुख करें और पानी से जुड़ें

अगर इस मौसम में समुद्र तट या किसी बड़ी झील की यात्रा का बजट या प्लान नहीं बन पाया है, तब भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है। किसी नजदीकी नदी या नदी किनारे की पैदल सैर अथवा किसी स्थानीय तालाब में बोटिंग या पैडलिंग करना भी समान रूप से लाभकारी हो सकता है।

विभिन्न स्वास्थ्य अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग पार्कों, जंगलों और प्राकृतिक जल निकायों जैसे प्राकृतिक वातावरण में नियमित समय बिताते हैं, उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य काफी बेहतर रहता है। विशेष रूप से जल स्रोत हमारे मानसिक कल्याण के लिए अद्वितीय लाभ प्रदान करते हैं। 19 देशों में किए गए नए शोध के अनुसार, नदियों, झीलों और महासागरों जैसे 'ब्लू स्पेस' यानी जल से जुड़े वातावरण मनुष्य के भीतर मानसिक शांति, भावनात्मक ऊर्जा और नया जीवन भर देते हैं। पानी के पास केवल मौजूद रहना ही अपने आप में फायदेमंद है, लेकिन उसमें तैरना या पानी में पैर भिगोकर चहलकदमी करना इन उपचारात्मक प्रभावों को और अधिक बढ़ा देता है। शाम के समय किसी झील के किनारे टहलना या स्टैंड-अप पैडल बोर्ड का उपयोग करना मानसिक ताजगी पाने का बेहतरीन जरिया है।

रात के तारों भरे आसमान को निहारें

प्रकृति के फायदों पर होने वाले अधिकांश वैज्ञानिक अध्ययन आमतौर पर दिन के समय पर केंद्रित रहे हैं, लेकिन अब इस सोच में बदलाव आ रहा है। शोधकर्ताओं ने रात के समय खुले आसमान के नीचे बिताए गए वक्त के प्रभावों को मापने के लिए 'नाइट स्काई कनेक्टेड इंडेक्स' (NSCI) तैयार किया है। इस अध्ययन में पाया गया कि जिन व्यक्तियों का NSCI स्कोर अधिक होता है, वे बेहतर मानसिक कल्याण और उच्च स्तर की खुशी महसूस करते हैं। इसके अलावा, रात में आसमान की ओर देखना विस्मय और आश्चर्य की भावना पैदा करता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, विस्मय का अहसास हमारे मन में आने वाले नकारात्मक विचारों को कम करने में मदद करता है और जीवन में सकारात्मकता भरता है।

अगस्त का महीना पर्सेड्स उल्कापात का समय होता है। हर साल उत्तरी गोलार्ध में रात के समय आसमान से गुजरती हजारों उल्काएं देखी जा सकती हैं। बचपन में अक्सर लोग मध्य अगस्त की रातों में घर के आंगन या खुले मैदान में स्लीपिंग बैग बिछाकर घंटों आसमान में टूटते तारों की गिनती किया करते थे। भले ही व्यस्त दिनचर्या के कारण वयस्क जीवन में रात के आसमान को निहारने की फुर्सत कम मिलती हो, लेकिन इस खगोलीय जादू को दोबारा महसूस करने के लिए थोड़ा वक्त निकालना मानसिक सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।

खुले वातावरण में अपनों के साथ भोजन का आनंद लें

आप चाहे किसी भी आउटडोर गतिविधि का चयन करें, हरे-भरे स्थानों यानी पार्कों और पेड़-पौधों वाले रास्तों पर समय बिताना हमेशा स्वास्थ्यवर्धक होता है। लेकिन इस अनुभव को और अधिक आनंददायक और स्वास्थ्यवर्धक बनाने का एक तरीका यह है कि आप अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को एक साथ भोजन करने के लिए आमंत्रित करें। नेचर जर्नल में प्रकाशित हालिया शोध से पता चलता है कि जो लोग दूसरों के साथ मिलकर खाना खाते हैं, वे अकेले भोजन करने वाले दिनों की तुलना में अधिक खुशी महसूस करते हैं और उनमें तनाव, दर्द व उदासी का स्तर काफी कम रहता है।

इसके लिए किसी महंगे रेस्तरां में जाने या भव्य दावत आयोजित करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कैथरीन मिशॉड जैसी आम पाठकों का सुझाव है कि किसी घने छायादार पेड़ों वाले स्थानीय पार्क की तलाश करें। वहां एक अच्छी किताब, चटाई, एक या दो दोस्त, हल्की कुर्सियां, घर का बना पिकनिक स्नैक और कुछ बोर्ड गेम्स ले जाएं। यह सीधा-सादा तरीका आपके मन को असीम संतुष्टि और ताजगी से भर देगा।

बच्चों के साहसिक खेलों के दौरान खुद को तनावमुक्त रखें

बच्चों की गतिविधियों की बात करें तो 1980 के दशक में बच्चे अक्सर दोस्तों और भाई-बहनों के साथ पेड़ों पर चढ़ने और ऊंचाई तलाशने में घंटों बिताते थे। हालांकि, आज के आधुनिक दौर में बच्चों को खुले वातावरण में पेड़ों पर चढ़ते देखना काफी दुर्लभ हो गया है।

ऑस्ट्रेलिया के एक हालिया शोध पत्र में साहसिक और जोखिम भरे आउटडोर खेलों पर आधारित कई अध्ययनों की समीक्षा की गई। इस समीक्षा का स्पष्ट निष्कर्ष था कि जो बच्चे बाहर जोखिम भरे खेल गतिविधियों में भाग लेते हैं, उनका समग्र मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक कौशल कहीं अधिक बेहतर होता है और उनमें एंग्जाइटी यानी चिंता की संभावना काफी कम होती है। 'जोखिम भरे आउटडोर खेल' की श्रेणी में आमतौर पर ऊंचाई या तेज गति वाली गतिविधियां, औजारों या आग और पानी जैसे तत्वों के पास खेलना, और ऐसी गतिविधियां शामिल हैं जिनमें बच्चे थोड़ी देर के लिए वयस्कों की नजरों से दूर हो जाते हैं।

यह सूची सुनकर कुछ अभिभावक चिंतित हो सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों को देर शाम की गतिविधियों या आउटडोर कैंपफायर बनाने में मदद करने देना एक सकारात्मक कदम हो सकता है। अध्ययन के लेखक अभिभावकों को अत्यधिक सतर्कता या 'हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग' से बचने की चेतावनी देते हैं। उनका कहना है कि बच्चों के लिए खुद जोखिम का मूल्यांकन करना सीखना बेहद आवश्यक है। इसका मतलब सुरक्षा की अनदेखी करना नहीं है, बल्कि माता-पिता के लिए यह एक रिमाइंडर है कि वे अपनी बेवजह की चिंता को कम करें। जब बच्चे पेड़ पर चढ़ रहे हों या साइकिल चला रहे हों, तब अभिभावक आराम से बैठकर किताब पढ़ने या किसी दोस्त से बात करने का आनंद ले सकते हैं।

खेल देखकर तनाव दूर करें और बॉन्डिंग बढ़ाएं

वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों का खुमार भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन खेल से मिलने वाले रोमांच और मानसिक फायदों का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए। जो लोग खेल प्रतियोगिताओं को स्टेडियम में जाकर देखते हैं या टीवी पर उनका प्रसारण देखते हैं, उनमें कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ दर्ज किए गए हैं।

नेचर जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पाया गया कि लाइव खेल देखने से शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन 'कोर्टिसोल' के स्तर में कमी आती है, जबकि सामाजिक जुड़ाव बढ़ाने वाले हार्मोन 'ऑक्सीटोसिन' का स्राव बढ़ता है। इसके अलावा, दर्शकों के दिल की धड़कनें भी आपस में तालमेल बिठाने लगती हैं। इसलिए चाहे वह स्थानीय बच्चों का लिटिल लीग मैच हो या कोई बड़ा राष्ट्रीय मुकाबला, स्टेडियम की उत्साही भीड़ के बीच बैठना या घर के सोफे पर बैठकर मैच का आनंद लेना, आपको अंतिम क्षणों की आपाधापी से राहत दिलाकर तनावमुक्त कर सकता है।

फलों के बागों में पिकिंग करके तनाव घटाएं

गर्मियों की शुरुआत में स्ट्रॉबेरी चुनने का अनुभव कई लोगों को बहुत पसंद आता है। लेकिन अगर आप स्ट्रॉबेरी सीजन चूक गए हैं या इस साल घर में बागवानी नहीं कर पाए हैं, तब भी मौका हाथ से नहीं गया है। आप किसी लोकल फ्रूट पिकिंग फार्म पर जाकर सीधे पेड़ों से फल तोड़ने का आनंद ले सकते हैं और बागवानी से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बागवानी में बिताया गया छोटा सा समय भी मन को शांत और तनावमुक्त करने के लिए पर्याप्त होता है।

इन दिनों आड़ू के बागों में फल तोड़ने का सीजन चल रहा है और सेब केवल शरद ऋतु तक सीमित नहीं हैं। यूनाइटेड स्टेट्स के कई हिस्सों में अगस्त के महीने से ही सेब की लोकप्रिय प्रजातियां पककर तैयार हो जाती हैं। यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां का मौसम अभी फल तोड़ने के अनुकूल नहीं है, तब भी आप घर के भीतर गमलों या इंडोर प्लांट्स की देखभाल करके अपनी ग्रीन थंब का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।

बिना किसी अपराध बोध के आइसक्रीम का आनंद लें

आइसक्रीम खाने से मिलने वाली खुशी से हम सभी अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन जब वैज्ञानिकों ने दशकों लंबे अवलोकनात्मक अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया, तो वे हैरान रह गए। अध्ययन में पाया गया कि जिन मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों ने सप्ताह में कुछ बार सीमित मात्रा में (लगभग आधा कप) आइसक्रीम का सेवन किया, उनमें आइसक्रीम बिल्कुल न खाने वाले मधुमेह रोगियों की तुलना में हृदय रोग की दर कम देखी गई।

एटलांटिक में प्रकाशित विवरण के अनुसार, वैज्ञानिक यह साफ करते हैं कि इसका मतलब आइसक्रीम को 'हेल्थ फूड' मानना नहीं है, लेकिन इसका सीधा संदेश यह जरूर है कि कभी-कभार अपनी पसंदीदा कूल ट्रीट खाने पर किसी तरह का गिल्ट या अपराध बोध महसूस करने की जरूरत नहीं है। शाम के समय दोस्तों या परिवार के साथ स्थानीय आइसक्रीम पार्लर जाना मन को बहुत सुकून देता है।

यदि आप ऐसी जगह रहते हैं जहां जल्द ही गुलाबी ठंड दस्तक देने वाली है, तो सुहावनी शामों, हल्के तापमान और गर्मी के मौसम से मिलने वाली तमाम खुशियों का पूरा लुत्फ उठाने का यही सबसे मुफ़ीद वक्त है। मशहूर गीत के बोल की तरह, "समरटाइम, एंड द लिविंग इज ईज़ी" और सेहतमंद भी!

सवाल-जवाब

कलेक्टिव इफ़रवेसेंस क्या है और यह लाइव म्यूजिक से कैसे जुड़ती है?
कलेक्टिव इफ़रवेसेंस का मतलब सकारात्मक समूह गतिविधियों में लोगों के बीच पैदा होने वाला जुड़ाव और सामूहिक उत्साह है। लाइव म्यूजिक कंसर्ट के दौरान यह अहसास तनाव घटाता है और इसका असर एक हफ्ते तक बना रहता है।
ब्लू स्पेस मानसिक स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाते हैं?
19 देशों के अध्ययन के अनुसार, नदियों, झीलों और महासागरों जैसे जल निकायों (ब्लू स्पेस) के पास समय बिताने या तैरने से मन को शांति मिलती है, तनाव घटता है और भावनात्मक ऊर्जा का रीचार्ज होता है।
अगस्त में स्टारगेजिंग और उल्कापात देखने का क्या फायदा है?
अगस्त में पर्सेड्स उल्कापात होता है। रात के समय खुले आसमान और टूटते तारों को देखने से विस्मय का अहसास होता है, जिससे नकारात्मक विचार कम होते हैं और मानसिक प्रसन्नता बढ़ती है।
बच्चों के लिए जोखिम भरे या साहसिक खेल क्यों जरूरी माने गए हैं?
ऑस्ट्रेलियाई शोध के अनुसार, पेड़ों पर चढ़ने या ऊंचाई व गति वाले साहसिक खेल खेलने से बच्चों का सामाजिक कौशल बेहतर होता है, उनमें आत्मनिर्भरता आती है और एंग्जाइटी का खतरा घटता है।
खेल प्रतियोगिताएं देखने का सेहत पर क्या असर पड़ता है?
नेचर में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, लाइव या टीवी पर खेल देखने से स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटता है, बॉन्डिंग हार्मोन ऑक्सीटोसिन बढ़ता है और दर्शकों के दिल की धड़कनें आपस में सिंक होती हैं।
क्या आइसक्रीम खाने के भी स्वास्थ्य संबंधी फायदे देखे गए हैं?
दशकों के अवलोकनात्मक आंकड़ों में सीमित मात्रा (आधा कप) में आइसक्रीम खाने वाले मधुमेह रोगियों में हृदय रोग की दर कम पाई गई। हालांकि यह हेल्थ फूड नहीं है, लेकिन सीमित सेवन पर गिल्ट की जरूरत नहीं है।
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