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मादक पदार्थों पर लगाम लगाने गोवा पहुंचे अमित शाह, देश को नशा मुक्त बनाने का दोहराया संकल्पनेता जी
6 सित॰ 2026, 3:22 pm (1 घंटे पहले)· 2

मादक पदार्थों पर लगाम लगाने गोवा पहुंचे अमित शाह, देश को नशा मुक्त बनाने का दोहराया संकल्प

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मादक पदार्थों के नियंत्रण पर सरकार की सख्त रणनीति को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में मादक पदार्थों के नियंत्रण और रोकथाम पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का अपना संकल्प दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश से नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नशा मुक्त भारत का निर्माण केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

राष्ट्रीय स्तर पर नशा विरोधी अभियान

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा' और 'नशा मुक्त भारत अभियान' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र सरकार का लक्ष्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और देश भर में नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाना है। इस रणनीति के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल सिंडिकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभिन्न राज्यों में कार्रवाई और अभियान

मादक पदार्थों के खिलाफ इस लड़ाई में विभिन्न राज्य सरकारें भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। असम में अवैध ड्रग्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है, जो प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत के आह्वान से प्रेरित है। इसके अलावा, गुजरात के गांधीनगर में 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक नशा मुक्त और शिक्षित समाज के निर्माण के लिए नागरिकों से एकजुट होने की अपील की है। वहीं त्रिपुरा में भी मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राज्य को मादक पदार्थों से पूरी तरह मुक्त करने के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे ये अभियान इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकारें केंद्र के इस दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत हैं।

सुरक्षा चुनौतियां और नए खतरे

नशीले पदार्थों के खिलाफ इस अभियान में सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां भी आ रही हैं। हाल के दिनों में देश के भीतर अत्याधुनिक और जटिल सिंथेटिक ड्रग्स की जब्ती की गई है, जो इस बात का संकेत है कि तस्कर नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन खतरों से निपटने के लिए तटीय सीमाओं और राज्य की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।

जनता की प्रतिक्रिया

गृह मंत्री के इस वक्तव्य के बाद आम जनता की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कई लोगों ने सरकार के बुनियादी ढांचे के विकास और नशा विरोधी प्रयासों की सराहना की, वहीं कुछ नागरिकों ने स्थानीय स्तर पर सख्त पुलिस कार्रवाई और अन्य सामाजिक नीतिगत मुद्दों पर सवाल भी उठाए।

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सवाल-जवाब

गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा में क्या घोषणा की?
गृह मंत्री ने गोवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया और मादक पदार्थों के नियंत्रण के लिए सख्त उपायों की जानकारी दी।
नशा मुक्त भारत अभियान क्या है?
यह देश भर से नशीले पदार्थों के उपयोग और अवैध व्यापार को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक राष्ट्रीय पहल है।
विभिन्न राज्य इस अभियान में किस प्रकार योगदान दे रहे हैं?
असम, गुजरात, हरियाणा और त्रिपुरा जैसे राज्य जागरूकता अभियान, संकल्प कार्यक्रम और तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई चला रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी, सीमा पार से सप्लाई और नए सिंथेटिक ड्रग्स की पहचान करना मुख्य चुनौतियां हैं।
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