वाराणसी में पानी के ऊपर दोपहिया नाव चलने का एक वाकया सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। उनके इस बयान ने एक बार फिर विकास के दावों और ज़मीनी हकीकत को लेकर बहस को छेड़ दिया है।
विकास के दावों पर सवाल
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वाकये का जिक्र करते हुए सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स पर निशाना साधा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि काशी को क्योटो बनाने के वादों के बीच आखिर यह कैसा चमत्कार हो रहा है जहाँ दोपहिया वाहन पानी पर चल रहे हैं। जनता अब यह जानना चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इस तरह की व्यवस्था क्यों सामने आ रही है और दावों पर पानी किसने फेर दिया है।
नदियों की सफाई और प्रशासनिक तालमेल पर तंज
अपने बयान में आगे बोलते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल और प्रशासनिक दावों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदारियों का फेरबदल जिम्मेदार है। साथ ही उन्होंने गंगा और वरुणा नदियों की सफाई के साथ-साथ शहर के नालों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है कि लंबे चौड़े वादों के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। आप इस एक्स पोस्ट के माध्यम से उनकी इस टिप्पणी को देख सकते हैं।
काशी के बारे में
वाराणसी के रूप में पहचानी जाने वाली यह पौराणिक नगरी दुनिया के सबसे प्राचीन जीवंत शहरों में शुमार की जाती है। यह ऐतिहासिक स्थान उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित है, जहाँ वरुणा और असी नदियाँ आकर मिलती हैं। इस क्षेत्र में गंगा का प्रवाह दक्षिण से उत्तर की ओर मुड़ता है, जिसके तट पर यह प्राचीन नगर बसा हुआ है और इसका सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व काफी गहरा है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस वायरल पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, जहाँ कुछ लोगों ने व्यवस्था की कमियों पर सवाल उठाए तो अन्य ने इसके समर्थन और विरोध में अपनी बातें रखीं।

























