राहुल गांधी (@RahulGandhi) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की है। उन्होंने लिखा कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी असली वजह पूरी व्यवस्था से उठ चुका भरोसा है, जिसे लेकर छात्र लंबे समय से नाराज हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट में क्या कहा
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि महाराष्ट्र में हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरे हैं और उनकी लड़ाई सिर्फ किसी एक परीक्षा या भर्ती को लेकर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से टूट चुके भरोसे को लेकर है। उन्होंने आगे लिखा कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, भाजपा शासन से हर छात्र त्रस्त नजर आ रहा है। अपने पोस्ट में उन्होंने साफ तौर पर पेपर लीक की घटनाओं, महीनों से रुकी पड़ी सरकारी भर्तियों, शिक्षा पर आ रहे असहनीय खर्च और छात्रावासों यानी हॉस्टल से जुड़ी परेशानियों को छात्रों की नाराजगी की मुख्य वजह बताया। खबरों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को महाराष्ट्र के छात्रों की आवाज गंभीरता से सुननी चाहिए, वरना जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक यह 'छात्रों की गूंज' थमने के बजाय और तेज होती चली जाएगी। राहुल गांधी ने इसे छात्रों की जायज मांग बताते हुए सरकार से तुरंत कार्रवाई की अपील की।
आखिर छात्रों का गुस्सा किस बात पर है
खबरों के मुताबिक इस पूरे आंदोलन के केंद्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी एमपीएससी से जुड़ा पेपर लीक विवाद है, जिसने भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ-साथ राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर सरकारी भर्तियां महीनों, कई बार सालों से अटकी पड़ी हैं, जिससे तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का धैर्य जवाब दे रहा है। शिक्षा पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है। इसके अलावा छात्रावासों यानी हॉस्टल की बदहाल स्थिति भी छात्रों की शिकायतों में शामिल है। राहुल गांधी के मुताबिक इन्हीं वजहों ने मिलकर छात्रों के मन में यह भावना पैदा की है कि दिक्कत किसी एक परीक्षा या अफसर की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की है।
राज्यभर में फैला छात्रों का आंदोलन
खबरों के मुताबिक महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में हजारों छात्र इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं। नासिक में भी आदिवासी छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई, और राहुल गांधी के खुले समर्थन के बाद यह मुद्दा और तेजी से सुर्खियों में आ गया। छात्र संगठनों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को उनकी बात को नजरअंदाज करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।
महाराष्ट्र के बारे में
महाराष्ट्र भारत के पश्चिमी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में स्थित एक राज्य है, जिसकी गिनती देश के सबसे धनी और समृद्ध राज्यों में होती है। संस्कृत के दो शब्दों 'महा' और 'राष्ट्र' से बना यह नाम यहां के संतों की परंपरा की देन माना जाता है, जिसका अर्थ है महान देश। इसकी राजधानी मुंबई भारत का सबसे बड़ा शहर होने के साथ-साथ देश की आर्थिक राजधानी के तौर पर भी जानी जाती है, जबकि यहां का पुणे शहर भारत के छठे सबसे बड़े महानगर के रूप में गिना जाता है। इतने बड़े और अहम राज्य में उठा यह छात्र आंदोलन इसीलिए राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
जनता की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक बड़े तबके ने छात्रों के आंदोलन को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया, तो वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर बड़े नेताओं की आवाज अब तक इतनी मुखर क्यों नहीं थी। कुछ लोगों ने अन्य राज्यों में चल रही इसी तरह की समस्याओं का हवाला देते हुए वहां की सरकारों से भी जवाबदेही मांगी।

























