केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 9वें नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज कॉन्फ्रेंस 2026 के समापन सत्र को संबोधित किया। इस उच्च स्तरीय सुरक्षा सम्मेलन में देश भर के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों, खुफिया प्रमुखों और पुलिस नेतृत्व ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण मंथन में राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने आने वाली उभरती चुनौतियों, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों का नया खाका
राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन समय के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावी मंच के रूप में उभरा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और रणनीतिक सोच को अधिक व्यावहारिक रूप देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सुरक्षा ढांचा लगातार आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में विचार साझा किए।
उभरती सुरक्षा चुनौतियों और तकनीकी खतरों पर ध्यान
वर्तमान समय में पारंपरिक सुरक्षा खतरों के साथ-साथ डिजिटल और ड्रोन जैसे नए तकनीकी खतरे भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन में साइबर हमलों, सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने सुरक्षा तंत्र को अधिक सतर्क और पूर्वानुमान लगाने योग्य बनाने पर विशेष बल दिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जा सके।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे का सुदृढ़ीकरण
देश में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और जांच प्रणालियों में तकनीकी सुधार पर भी कार्य किया जा रहा है। सम्मेलन में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बल का आधुनिकीकरण देश को एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए अनिवार्य है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आधुनिक उपकरणों, डेटा विश्लेषण तकनीकों और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र से लैस किया जा रहा है, जिससे अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रियाओं में गति लाई जा सके।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सरकार के ठोस कदमों और रणनीतिक पहलों का स्वागत किया है। हालांकि, कुछ नागरिकों ने जमीनी स्तर पर पुलिस प्रशासन के व्यवहार में सुधार और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर भी अपने विचार और प्रश्न व्यक्त किए हैं।


























