शशि थरूर ने चुनावी निष्पक्षता और संस्थागत साख को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उन्होंने अपने हालिया विचार स्तंभ के सार्वजनिक होने की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के मौजूदा कार्यकाल पर सीधी टिप्पणी की है।
चुनावी व्यवस्था की साख पर जताई चिंता
शशि थरूर के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी तंत्र की साख को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने X पर लिखा कि इस व्यवस्था पर पुनर्विचार बेहद जरूरी है ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोगों के भरोसे को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे।
जनता की प्रतिक्रिया
इस विचार के सामने आने के बाद इंटरनेट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनकी बात पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि ऐसे आंतरिक सुधार और लोकतांत्रिक नियम राजनीतिक दलों के भीतर भी समान रूप से लागू किए जाने चाहिए।