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मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने से चुनावी साख कमजोर होती है, शशि थरूर ने उठाया सवालनेता जी
30 सित॰ 2026, 9:05 pm (10 मिनट पहले)· 0

मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने से चुनावी साख कमजोर होती है, शशि थरूर ने उठाया सवाल

शशि थरूर ने अपने ताजा लेख का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के लंबे कार्यकाल और देश की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।

शशि थरूर ने चुनावी निष्पक्षता और संस्थागत साख को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। उन्होंने अपने हालिया विचार स्तंभ के सार्वजनिक होने की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के मौजूदा कार्यकाल पर सीधी टिप्पणी की है।

चुनावी व्यवस्था की साख पर जताई चिंता

शशि थरूर के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी तंत्र की साख को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने X पर लिखा कि इस व्यवस्था पर पुनर्विचार बेहद जरूरी है ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोगों के भरोसे को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे।

जनता की प्रतिक्रिया

इस विचार के सामने आने के बाद इंटरनेट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने उनकी बात पर सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि ऐसे आंतरिक सुधार और लोकतांत्रिक नियम राजनीतिक दलों के भीतर भी समान रूप से लागू किए जाने चाहिए।

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सवाल-जवाब

शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर क्या मुद्दा उठाया?
उन्होंने अपने ताजा लेख का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद पर बने रहना चुनावी व्यवस्था की साख को घटाता है।
शशि थरूर के इस लेख का नाम क्या है?
यह विचार उनके स्तंभ थरूर थिंक के तहत प्रकाशित हुआ है।
इस टिप्पणी पर आम लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे ही सुधार और नियम राजनीतिक दलों के आंतरिक ढांचे में भी अपनाए जाने चाहिए।
शशि थरूर ने यह बात किस माध्यम पर साझा की?
उन्होंने अपनी यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।
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