देश की राजधानी दिल्ली में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के जरिए छात्राओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने और प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाने की आवाज उठाई गई। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सड़क पर शुरू हुआ यह आक्रोश अब सियासी गलियारों में भी चर्चा का मुख्य केंद्र बन चुका है।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभाविप का विरोध प्रदर्शन
दिल्ली के विभिन्न शिक्षण परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अभाविप के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा तंत्र को चुस्त-दुरुस्त किया जाना चाहिए ताकि छात्राएं बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई और सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर युवाओं में गहरा असंतोष देखा जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने प्रशासनिक सलाह पर साधा निशाना
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बने इस तनावपूर्ण माहौल के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी बात रखी। अरविंद केजरीवाल ने X पर लिखा कि मौजूदा समय में सभी छात्राएं अपनी हिफाजत को लेकर गहरी चिंता में हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें सुरक्षा देने के बजाय बेवजह की नसीहतें बांट रहा है। उन्होंने प्रशासन के उस रवैये की आलोचना की जिसमें छात्राओं को शाम ढलने के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि व्यवस्था का काम लोगों को नसीहत देना नहीं, बल्कि जमीन पर सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त करना है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा उपायों पर उठते सवाल
सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाने, रोशनी का उचित प्रबंध करने और पुलिस गश्त को प्रभावी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। छात्र संगठनों का मानना है कि केवल औपचारिक बयानों से जमीनी हकीकत नहीं बदल सकती। जब तक शैक्षणिक परिसरों और सार्वजनिक मार्गों पर सुरक्षा की ठोस व्यवस्था नहीं होगी, तब तक भय का माहौल खत्म नहीं हो सकता। इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजधानी में महिला सुरक्षा के बुनियादी ढांचे पर बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई लोगों ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग का समर्थन किया, वहीं कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) से जुड़े हालिया घटनाक्रम और दिल्ली के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उनसे ही कानून-व्यवस्था पर सवाल दाग दिए।



























