नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात की और इसकी जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की। दोनों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से शुरू हुई क्रांति किस तरह लोगों की जिंदगी बदल रही है और वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ा रही है।
महारानी मैक्सिमा कौन हैं
महारानी मैक्सिमा नीदरलैंड्स की महारानी हैं। इसके साथ ही वे संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष पैरोकार भी हैं और लंबे समय से दुनियाभर में वित्तीय समावेशन की प्रबल आवाज मानी जाती रही हैं। यही वजह है कि भारत के डिजिटल भुगतान और बैंकिंग तक आम लोगों की पहुंच जैसे विषय उनकी दिलचस्पी के केंद्र में रहते हैं।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बात
मुलाकात के दौरान बातचीत का बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के सहारे किस तरह बदलाव की एक नई लहर खड़ी की है। इसी ढांचे की बदौलत देश में डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाएं तेजी से आम लोगों तक पहुंच रही हैं, जिसे वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी छलांग के तौर पर देखा जा रहा है।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक महारानी मैक्सिमा हाल ही में भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर रहीं, जिसका मुख्य फोकस देश के वित्तीय स्वास्थ्य पर था। इस दौरान उन्होंने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की थी। महारानी मैक्सिमा, नीदरलैंड्स के किंग विलेम-अलेक्जेंडर की पत्नी हैं और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र की अहम भूमिका निभाती रही हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने इस मुलाकात और भारत के डिजिटल भुगतान को मिल रही वैश्विक पहचान की तारीफ की, तो कुछ ने रोजमर्रा की जिंदगी में डिजिटल सेवाओं को लेकर हल्के-फुल्के और सवालिया अंदाज में टिप्पणियां कीं। कई लोगों ने इससे जुड़े और अलग-अलग विषयों पर भी सवाल पूछे।





















