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एमपीपीएससी प्रमुख के हटने पर राहुल गांधी बोले, भ्रष्टाचार के खिलाफ यह छात्रों के सत्याग्रह की जीत हैनेता जी
12 अक्तू॰ 2026, 11:48 am (1 घंटे पहले)· 0

एमपीपीएससी प्रमुख के हटने पर राहुल गांधी बोले, भ्रष्टाचार के खिलाफ यह छात्रों के सत्याग्रह की जीत है

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के प्रमुख के पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी ने इसे युवाओं और परीक्षार्थियों के आंदोलन की महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने मामले में कथित भ्रष्टाचार की गहन पड़ताल कराने की मांग उठाई है।

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी एमपीपीएससी के अध्यक्ष पद से जुड़े घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। आयोग के अध्यक्ष के पद से हटने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों और युवाओं के लंबे आंदोलन को एक बड़ा मोड़ मिला है। इस फैसले के तुरंत बाद परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और धांधली की मुकम्मल जांच कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है।

राहुल गांधी का बयान और सत्याग्रह का जिक्र

इस बड़े प्रशासनिक बदलाव पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने इसे छात्रों के निरंतर संघर्ष का नतीजा करार दिया। उन्होंने कहा कि आयोग के अध्यक्ष को आखिरकार अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी और अब पूरी परीक्षा प्रणाली में मौजूद कथित भ्रष्टाचार की पूरी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को रेखांकित करते हुए साफ किया कि यह परीक्षार्थियों, देश के युवाओं और उनके शांतिपूर्ण सत्याग्रह की एक ऐतिहासिक विजय है।

पुणे में फूटा था युवाओं का गुस्सा

यह पूरा मामला लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों के बीच गहरे असंतोष का कारण बना हुआ था। इससे पहले पुणे में पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ हजारों की तादाद में युवा सड़कों पर उतर आए थे। रोहित पवार की मौजूदगी में युवाओं की भारी भीड़ ने बेहद जोशीले माहौल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। सड़कों पर उतरे इन अभ्यर्थियों का आरोप था कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियां उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर रही हैं, जिसके लिए आयोग के शीर्ष स्तर पर कड़े कदम उठाना जरूरी हो गया था।

भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग

आयोग के नेतृत्व में हुए बदलाव के बाद अब मुख्य जोर परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सिर्फ एक पद खाली होने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक से जुड़े हर तार की तह तक जाकर पड़ताल होनी चाहिए। इस कार्रवाई को पारदर्शी भर्ती तंत्र की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस घटनाक्रम को लेकर मिली-जुली राय सामने आई है। अधिकांश परीक्षार्थियों और आम नागरिकों ने इसे छात्रों की एकजुटता की बड़ी जीत बताते हुए राहत जताई, जबकि कई लोगों ने जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच पूरी कर परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की है।

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सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने एमपीपीएससी अध्यक्ष के हटने पर क्या कहा?
उन्होंने इसे छात्रों, युवाओं और उनके शांतिपूर्ण सत्याग्रह की बड़ी जीत बताते हुए भ्रष्टाचार की पूरी जांच कराने की मांग की।
छात्रों ने किस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था?
अभ्यर्थियों ने एमपीपीएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विसंगतियों के खिलाफ मोर्चा खोला था।
इस मामले में बड़ा छात्र आंदोलन कहां देखने को मिला था?
पुणे में हजारों की संख्या में छात्रों ने एकत्रित होकर रोहित पवार के नेतृत्व में विशाल और जोशीला विरोध प्रदर्शन किया था।
इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब क्या मांग की जा रही है?
छात्र और विपक्षी नेता परीक्षा प्रणाली में हुई पूरी धांधली की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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