आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यूरोटेक्नोलॉजी के संगम में एक बड़ा कदम उठाते हुए सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप कोहेरेंस ने सीड फंडिंग राउंड में 4.5 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड में प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान संस्थान ओपनएआई ने भी हिस्सेदारी ली है। यह पूंजी निवेश तकनीक जगत की प्रमुख कंपनियों की उस बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है, जिसके तहत मानव मस्तिष्क के डेटा और न्यूरल सिग्नलों को डिकोड करने के लिए आधुनिक एआई मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। कोहेरेंस सामान्य पैरालिसिस उपचार से आगे बढ़कर सीधे मस्तिष्क में मौजूद कैंसर ट्यूमर की पहचान करने और वास्तविक समय में उसका उपचार करने के लिए विशेष इम्प्लांट बना रहा है।
मस्तिष्क डेटा और आधुनिक एआई का तालमेल
ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस से जुड़ी प्रणालियों में मानव मस्तिष्क से भारी मात्रा में कच्चा न्यूरल डेटा उत्पन्न होता है। यह डेटा इतना विशाल और जटिल होता है कि इंसानी विश्लेषण के जरिए इसका तत्काल अध्ययन करना बेहद कठिन है। कोहेरेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह संस्थापक बेन वुडिंगटन के अनुसार, बड़े एआई अनुसंधान केंद्रों और ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस निर्माताओं के बीच प्राकृतिक तालमेल उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉडल प्रशिक्षण के लिए न्यूरल डेटा जुटाना और उसके माध्यम से उपचार प्रक्रियाओं को अनुकूलित करना भविष्य में अत्यंत आवश्यक साबित होगा। मशीन लर्निंग एल्गोरिदम इस कच्चे डेटा को तेजी से संसाधित करके विशिष्ट पैटर्न की पहचान करने में सक्षम हैं, जिससे उपचार को अधिक सटीक बनाया जा सकता है।
ट्यूमर की पहचान और ऑस्ट्रेलिया में शुरुआती सुरक्षा परीक्षण
अधिकांश ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस कंपनियां हाथ-पैर के पक्षाघात या संचार समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए कर्सर हिलाने और आवाज तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करती हैं। इसके विपरीत, कोहेरेंस का प्राथमिक ध्यान ब्रेन ट्यूमर से जुड़े सूक्ष्म विद्युत संकेतों को डिकोड करने पर है। कंपनी ने जानवरों पर किए गए अध्ययनों में यह प्रदर्शित किया है कि कैसे इन सिग्नलों के जरिए ट्यूमर के बढ़ने, सिकुड़ने या दोबारा उभरने की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। इस शोध को मानव परीक्षणों में बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया स्थित रॉयल मेलबर्न हॉस्पिटल में मस्तिष्क ट्यूमर की सर्जरी करा रहे 3 मरीजों में इस डिवाइस की रिकॉर्डिंग क्षमता की संक्षिप्त जांच की गई। सर्जरी के दौरान डिवाइस को लगभग 30 मिनट तक मस्तिष्क में रखकर प्रारंभिक सुरक्षा मानकों की पुष्टि की गई। इसके बाद कंपनी 7 अतिरिक्त मरीजों पर डिवाइस की रिकॉर्डिंग के साथ-साथ न्यूरल स्टिम्युलेशन क्षमताओं का परीक्षण करने की तैयारी कर रही है।
हल्की विद्युत तरंगों से कैंसर नियंत्रण और भावी क्लिनिकल ट्रायल
कोहेरेंस द्वारा विकसित किया जा रहा इम्प्लांट न केवल दिमाग के विद्युत संकेतों को पढ़ता है, बल्कि ट्यूमर की वृद्धि रोकने के लिए हल्की विद्युत तरंगें भी छोड़ता है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य यह है कि समय बीतने के साथ यह उपकरण कैंसर के लक्षणों को पहचानना सीखे और बिना किसी देरी के सीधे लक्षित थेरेपी प्रदान करे। नई जुटाई गई 4.5 करोड़ डॉलर की पूंजी का उपयोग ग्लियोब्लास्टोमा से पीड़ित मरीजों में लंबे समय के इम्प्लांट के क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने के लिए किया जाएगा। ग्लियोब्लास्टोमा मस्तिष्क कैंसर का बेहद आक्रामक और गंभीर रूप माना जाता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी इस तकनीक का विस्तार शरीर के अन्य हिस्सों में होने वाले कैंसर के इलाज के लिए भी करना चाहती है। ओपनएआई स्टार्टअप फंड के पार्टनर इयान हैथवे ने एक बयान में कहा कि डेटा की मदद से लगातार बेहतर होने वाली कैंसर थेरेपी विकसित करने की दिशा में कोहेरेंस का नजरिया बेहद अभिनव है और वे इस मिशन का समर्थन करने पर गर्व महसूस करते हैं।
डेटा प्राइवेसी और ओपनएआई का बढ़ता न्यूरोटेक निवेश
मस्तिष्क से जुड़े संवेदनशील स्वास्थ्य डेटा को लेकर अक्सर प्राइवेसी संबंधी चिंताएं उठती हैं। इस संदर्भ में बेन वुडिंगटन ने स्पष्ट किया कि समझौते के तहत ओपनएआई को मरीजों के किसी भी ब्रेन डेटा या अन्य स्वास्थ्य सूचनाओं तक पहुंच नहीं दी जाएगी। अनुबंधों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसके तहत डेटा साझा किया जाए।
यह व्यवस्था ओपनएआई के पूर्व घोषित निवेशों से काफी अलग नजर आती है। जनवरी में ओपनएआई ने सीधे तौर पर मर्ज लैब्स नामक एक अन्य ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी में निवेश की घोषणा की थी, जिसकी सह स्थापना ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने की थी। उस समय मर्ज लैब्स 25.2 करोड़ डॉलर की शुरुआती फंडिंग के साथ सामने आई थी, जो अल्ट्रासाउंड तकनीक के जरिए मस्तिष्क की सूचनाएं डिकोड करने पर काम कर रही है। तब ओपनएआई ने बताया था कि वह वैज्ञानिक आधार मॉडल और आधुनिक टूल्स के विकास में मर्ज लैब्स के साथ सीधे सहयोग करेगा ताकि मानव केंद्रित एआई इंटरैक्शन तैयार किया जा सके। सिलिकॉन वैली में पीटर थील की वेंचर कैपिटल फर्म ने भी एलन मस्क की न्यूरालिंक और सीटीआरएल लैब्स को वित्तीय समर्थन दिया है, जिसने कलाई के न्यूरल सिग्नलों को ट्रांसलेट करने वाला बैंड बनाया था और जिसे 2019 में फेसबुक ने अधिग्रहित कर लिया था। अब कोहेरेंस के जरिए कैंसर उपचार के नए द्वार खुलते दिख रहे हैं।



















