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वायनाड के धान संरक्षक और पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की उम्र में निधन, राहुल गांधी ने जताया दुखनेता जी
14 अक्तू॰ 2026, 7:11 pm (1 घंटे पहले)· 0

वायनाड के धान संरक्षक और पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की उम्र में निधन, राहुल गांधी ने जताया दुख

पारंपरिक धान की किस्मों और आदिवासी ज्ञान के संरक्षण के लिए पहचाने जाने वाले पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। राहुल गांधी समेत तमाम लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

केरल के वायनाड में देशी धान की किस्मों को सहेजने वाले और वहां की पारंपरिक कृषि विरासत के रक्षक माने जाने वाले पद्म श्री चेरुवयल रमन का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें स्थानीय स्तर पर आदर के साथ 'रामेत्तन' पुकारा जाता था। उन्होंने अपना पूरा जीवन प्राचीन आदिवासी कृषि पद्धतियों और बीजों की अनूठी संपदा को बचाने में समर्पित कर दिया था।

राहुल गांधी ने जताया गहरा शोक

इस दुखद समाचार पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त की। राहुल गांधी ने लिखा कि हमारे प्रिय रामेत्तन के निधन से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा कि चेरुवयल रमन ने वायनाड के स्थानीय धान बीजों के संरक्षण और पीढ़ियों पुराने आदिवासी ज्ञान को सुरक्षित रखने में अपनी जिंदगी लगा दी। इसके साथ ही उन्होंने वायनाड के लोगों के साथ शोक साझा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कौन थे चेरुवयल रमन और उनका योगदान

चेरुवयल रमन को केरल में कृषि जगत का एक स्तंभ माना जाता था। वे पीढ़ियों से चले आ रहे दुर्लभ देशी बीजों की सुरक्षा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने आधुनिक रसायनों और हाइब्रिड बीजों के दौर में भी अपनी मिट्टी से जुड़ी पारंपरिक किस्मों को जीवित रखा। उनके इस असाधारण और निस्वार्थ प्रयास के कारण ही उन्हें वर्ष 2023 में भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया था। उनका काम केवल बीज संवारने तक सीमित नहीं था, बल्कि वे नई पीढ़ी को पर्यावरण और प्रकृति-सम्मत खेती का महत्व भी सिखाते रहे।

जनता की प्रतिक्रिया

उनकी विदाई पर आम नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। कई लोगों ने पारंपरिक बीजों के संरक्षण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें देश का सच्चा नायक बताया, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने चर्चा की कि ऐसे गुमनाम नायकों के जीवन और ज्ञान का दस्तावेजीकरण पहले ही बड़े स्तर पर किया जाना चाहिए था।

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सवाल-जवाब

चेरुवयल रमन कौन थे?
चेरुवयल रमन केरल के वायनाड के एक प्रमुख किसान और पारंपरिक धान संरक्षक थे, जिन्हें प्यार से 'रामेत्तन' कहा जाता था।
उनका निधन किस उम्र में हुआ?
उनका निधन 74 वर्ष की आयु में 14 अक्टूबर 2026 को हुआ।
उन्हें पद्म श्री सम्मान कब मिला था?
उन्हें पारंपरिक धान बीजों के संरक्षण और आदिवासी ज्ञान को बचाने के लिए जनवरी 2023 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
राहुल गांधी ने उनके निधन पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने दुख जताते हुए कहा कि चेरुवयल रमन ने अपना जीवन देशी धान और आदिवासी ज्ञान को सुरक्षित रखने में समर्पित कर दिया।
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