कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्ष के कई सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की और संसद में दो मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी, एक दिन पहले छात्रों के खिलाफ हुई कथित सख्ती और परीक्षा से जुड़े संकट पर सरकार की जवाबदेही को लेकर।
राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, "हमारी मांग सीधी है, कल छात्रों पर हुई सख्ती पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा से जुड़े संकट को लेकर सरकार लगातार अपनी जवाबदेही से बचती रही है, और इसी वजह से विपक्षी सांसद अध्यक्ष के पास पहुंचे।
अध्यक्ष से मुलाकात की मांग
राहुल गांधी के मुताबिक यह मुलाकात विपक्ष के कई सांसदों के साथ हुई, हालांकि पोस्ट में इन सांसदों के नाम नहीं बताए गए। मांग यह है कि सिर्फ बयानबाजी नहीं बल्कि संसद के पटल पर औपचारिक चर्चा हो, ताकि छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में आई गड़बड़ी, दोनों पर सरकार को जवाब देना पड़े। पोस्ट में यह साफ नहीं किया गया कि यह घटना कहां हुई या किस परीक्षा से जुड़ी थी, लेकिन मांग की भाषा से जाहिर है कि विपक्ष इसे गंभीर मुद्दा मान रहा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की भूमिका
ओम बिड़ला मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष हैं और हाल के महीनों में भी विपक्ष से जुड़े कई मामलों में सक्रिय रहे हैं, जैसे विपक्षी सांसदों के दल-बदल से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देना और अलग-अलग विपक्षी नेताओं से सदन के कामकाज को लेकर अलग से मुलाकात करना। इसी सिलसिले में अब राहुल गांधी और साथी सांसदों ने उनसे मिलकर छात्रों और परीक्षा संकट पर चर्चा कराने का अनुरोध किया है।
आगे क्या होगा
यह मांग असल में चर्चा में बदलेगी या नहीं, यह इस पर निर्भर करेगा कि सत्ता पक्ष इसे चर्चा के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत होता है या नहीं, और मौजूदा संसद सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह मुद्दा पहले भी टकराव की वजह बनता रहा है। राहुल गांधी की पोस्ट में यह नहीं बताया गया कि यह चर्चा कब हो सकती है, इसलिए फिलहाल फैसला अध्यक्ष के हाथ में ही है।
जनता की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने छात्रों पर हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संसद में चर्चा की मांग का समर्थन किया और सरकार से जवाबदेही तय करने को कहा, वहीं कुछ यूजर्स ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए विपक्ष की इस मांग पर भी सवाल खड़े किए।



























