राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी पर संग्राम, खैरथल में अपहरण का आरोप तो करौली में बदला बयाननवोदय विद्यालय पर सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु को दो टूक, कहा- हर राज्य मनमानी करेगा तो देश कैसे चलेगामिथुन राशिफल 18 सितंबर: दिनभर काम का दबाव और रिश्तों में उतार-चढ़ाव, रात को मिलेगी राहतकर्क राशिफल 18 सितंबर: प्रेम और करियर में मिलेगी सफलता, सेहत को लेकर बरतें सावधानीफेड की दर वृद्धि से डॉलर में ऊपर का जोखिम, अन्य केंद्रीय बैंकों की कसावट घटाती है नए शिखरों की संभावनाकैप टेबल प्लेटफॉर्म पुली बंद होने की कगार पर, प्रतिद्वंदी कार्टा को सौंपे जा रहे ग्राहकतेलंगाना में 2026 के दसहरे से पहले SA-I और अर्धवर्षिक परीक्षाएं, स्कूल 13 दिन बंद रहेंगे और जूनियर कॉलेज एक दिन पहले खुलेंगेवृषभ और तुला राशिफल 31 दिसंबर तक: ग्रहों की चाल से इन दो राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलावअमेरिका से आए डेबिट कार्ड और एटीएम से निकाले गए ₹92 करोड़, अमेरिकी क्रिश्चियन एनजीओ पर सीबीआई का शिकंजाकक्षा छह पर तीन भाषाएं थोपना ठीक नहीं, सुप्रीम कोर्ट की सीबीएसई को दो साल की मोहलत देने की सलाह
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के वास्तुकार पिंगली वेंकैया को अरविंद केजरीवाल ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, जानिए स्वतंत्रता सेनानी का गौरवशाली इतिहासनेता जी
2 अग॰ 2026, 2:25 pm (46 दिन पहले)· 0

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के वास्तुकार पिंगली वेंकैया को अरविंद केजरीवाल ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, जानिए स्वतंत्रता सेनानी का गौरवशाली इतिहास

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अभिकल्पक और महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की जयंती पर अरविंद केजरीवाल ने उन्हें नमन किया। जानिए तिरंगे के इतिहास, निर्माण और पिंगली वेंकैया के अतुलनीय योगदान के बारे में।

भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की रूपरेखा तैयार करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी और कृषि वैज्ञानिक पिंगली वेंकैया की जयंती के अवसर पर उन्हें देशभर में याद किया जा रहा है। इस विशेष दिन पर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए पिंगली वेंकैया को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत के राष्ट्रीय गौरव के निर्माण में पिंगली वेंकैया के ऐतिहासिक और अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।

कौन थे पिंगली वेंकैया और क्या था उनका योगदान

पिंगली वेंकैया का जन्म भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व करता है। वह केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक भी थे। उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों का अध्ययन करने के बाद एक ऐसे ध्वज का स्वरूप तैयार किया जो देश की विविधता, एकता और स्वतंत्रता की भावना को व्यक्त कर सके। उनके द्वारा तैयार किए गए इस मूल डिजाइन ने आगे चलकर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का रूप लिया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस ध्वज ने लाखों देशवासियों को एकजुट करने और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने में केंद्रीय भूमिका निभाई।

सोशल मीडिया संदेश में अरविंद केजरीवाल की श्रद्धांजलि

अरविंद केजरीवाल ने पिंगली वेंकैया की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए लिखा, "हमारे देश की शान, हमारे राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' के अभिकल्पक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।" उन्होंने आगे कहा कि पूरा भारत पिंगली वेंकैया के इस महान योगदान के लिए सदैव उनका आभारी रहेगा। उनका यह संदेश राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।

राष्ट्रीय ध्वज का सफर, निर्माण और फ्लैग कोड के नियम

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का सफर ऐतिहासिक क्षणों से भरा रहा है। भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को आधिकारिक तौर पर तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकार किया था। तिरंगे के तीनों रंग आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मूल्यों का प्रतीक माने जाते हैं। ध्वज निर्माण की दृष्टि से मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। उत्तर भारत में ग्वालियर में तैयार होने वाले तिरंगे देश की संसद, दिल्ली के लाल किले और विभिन्न भारतीय दूतावासों में फहराए जाते हैं। इसके निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण सहभागिता रहती है।

देश की सीमाओं पर भी राष्ट्रीय ध्वज का विशाल स्वरूप देखने को मिलता है, जैसे पंजाब में भारत और पाकिस्तान सीमा के पास फाजिल्का में 200 फुट ऊंचा तिरंगा स्थापित किया गया है। राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए फ्लैग कोड के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। स्वतंत्रता दिवस अथवा गणतंत्र दिवस के आयोजनों के पश्चात ध्वज का सही रखरखाव करना और इसे सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हर घर तिरंगा अभियानों के माध्यम से देशवासियों को ध्वज के सम्मान और इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया

अरविंद केजरीवाल के इस पोस्ट पर आम नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अनेक उपयोगकर्ताओं ने पिंगली वेंकैया को श्रद्धांजलि देने के कदम की सराहना की और तिरंगे को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। वहीं कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने इस अवसर पर जनहित के मुद्दों, जैसे रांची में चल रहे छात्र प्रदर्शनों और प्रशासनिक विषयों पर अपनी राय व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों से ध्यान देने की मांग की।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

पिंगली वेंकैया कौन थे?
पिंगली वेंकैया भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, कृषि वैज्ञानिक और भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के मूल अभिकल्पक थे।
अरविंद केजरीवाल ने पिंगली वेंकैया के बारे में क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने पिंगली वेंकैया की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि पूरा भारत ध्वज निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सदैव आभारी रहेगा।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को आधिकारिक रूप से कब अपनाया गया था?
भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को भारत के आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकार किया था।
उत्तर भारत में राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण प्रमुख रूप से कहां होता है?
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण बड़े पैमाने पर होता है, जहां से संसद, लाल किले और भारतीय दूतावासों में ध्वज भेजे जाते हैं।
राष्ट्रीय ध्वज के नियम और प्रोटोकॉल क्या हैं?
भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, तिरंगे को हमेशा सम्मानपूर्वक फहराया जाना चाहिए और किसी भी राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद इसे सुरक्षित एवं नियमपूर्वक रखना अनिवार्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp