देशभर में 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही है। स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों का विलय कराकर भारत को अखंड स्वरूप देने वाले इस महान जननायक को विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों और नागरिकों ने नमन किया। इस अवसर पर कई शीर्ष नेताओं ने आधुनिक भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया।
अरविंद केजरीवाल ने दी श्रद्धांजलि
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पटेल को आधुनिक भारत का प्रमुख शिल्पकार और पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाला महान व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की स्थापना में उनका योगदान अतुलनीय है और उनके जैसा साहसी नायक देश में दूसरा कोई नहीं हुआ। अरविंद केजरीवाल ने रेखांकित किया कि सरदार पटेल की निस्वार्थ देशभक्ति, निरंतर संघर्ष और अद्वितीय पराक्रम आज भी हर नागरिक को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।
कौन थे वल्लभ भाई पटेल
वल्लभभाई झावेरभाई पटेल भारत के स्वाधीनता आंदोलन के अग्रणी सेनानी, प्रख्यात अधिवक्ता और प्रभावशाली राजनेता थे। जनमानस में वे सरदार पटेल के नाम से विख्यात हुए, जहां सरदार शब्द का अर्थ प्रमुख या नेता होता है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में निर्णायक भूमिका निभाई थी। आजादी के पश्चात वे स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री बने और 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान देश के गृह मंत्री का दायित्व भी संभाला। भारत की आजादी के समय सबसे विकट चुनौती सैकड़ों देशी रियासतों को एक तिरंगे तले लाने की थी, जिसे सरदार पटेल ने अपनी सूझबूझ और दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलतापूर्वक हल किया।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर अन्य नेताओं का स्मरण
इस राष्ट्रीय पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर जाकर सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें अखंड भारत का सच्चा प्रणेता बताया। वहीं देश की राष्ट्रपति ने भी आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार पटेल के अविस्मरणीय योगदान की सराहना की। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्र के एकीकरण में उनके पराक्रम को याद किया, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की अखंडता और एकता को अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का प्राथमिक कर्तव्य है। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के बलिदान को याद किया।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर आम नागरिकों ने सरदार पटेल की स्मृतियों को बड़े उत्साह के साथ साझा किया। कई लोगों ने देश को जोड़ने में उनके अटूट संकल्प की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जबकि कुछ उपयोगकर्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और नेताओं के बयानों को लेकर अपनी भिन्न राय और आलोचनाएं भी प्रकट कीं।



























