देशभर में भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाई जा रही है। इस मौके पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आधुनिक राष्ट्र के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया और उन्हें नमन किया। उन्होंने देश की संप्रभुता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने में लौह पुरुष की भूमिका को प्रेरणादायक बताया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और नागरिकों ने भी देश को एक सूत्र में पिरोने वाले इस महान स्वतंत्रता सेनानी के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
राहुल गांधी ने श्रद्धांजलि संदेश में क्या कहा
राहुल गांधी ने डिजिटल मंच X पर लिखा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर वह उन्हें सादर नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने एकता के सूत्रधार और आधुनिक राष्ट्र के शिल्पकार के रूप में देश की अखंडता और आपसी भाईचारे की अटूट नींव तैयार की थी। इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि सरदार पटेल द्वारा स्थापित किए गए उच्च आदर्श आने वाली पीढ़ियों का लगातार मार्गदर्शन करते रहेंगे।
कौन थे सरदार वल्लभभाई पटेल
वल्लभभाई झावेरभाई पटेल भारतीय स्वाधीनता संग्राम के प्रमुख नेता, वरिष्ठ अधिवक्ता और राजनीतिज्ञ थे। जनमानस में वह सरदार पटेल के नाम से विख्यात हुए, जहाँ सरदार शब्द का तात्पर्य संगठनकर्ता अथवा प्रमुख व्यक्ति से है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य के रूप में उन्होंने आजादी के आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष का नेतृत्व किया था। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण प्रशासनिक उत्तरदायित्व संभाला। वर्ष 1947 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के समय वह देश के गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे।
रियासतों का एकीकरण और राष्ट्रीय संकल्प
सरदार पटेल की सबसे ऐतिहासिक उपलब्धि आजादी के तुरंत बाद बिखरी हुई सैकड़ों देशी रियासतों को एक संघ में समाहित करना थी। कठिन कूटनीतिक वार्ताओं और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने जूनागढ़ तथा हैदराबाद जैसी जटिल रियासतों को भारत गणराज्य का अभिन्न अंग बनाया। विभिन्न क्षेत्रों को जोड़कर एक संपूर्ण राष्ट्र का स्वरूप देने के कारण ही उन्हें लौह पुरुष की उपाधि से सम्मानित किया गया। प्रत्येक वर्ष उनकी जन्मतिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, जहाँ नागरिक देश की सुरक्षा, संप्रभुता और आपसी सौहार्द बनाए रखने का संकल्प दोहराते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के इस संदेश पर नागरिकों ने व्यापक प्रतिक्रिया व्यक्त की। अधिकांश लोगों ने देश को एकजुट करने में सरदार पटेल के अद्वितीय साहस और समर्पण को नमन किया, जबकि कई उपयोगकर्ताओं ने उनके जैसा दृढ़ नेतृत्व और निस्वार्थ निष्ठा आज के दौर में भी बनाए रखने पर बल दिया।



























