गुजरात के एकता नगर में आयोजित एकता प्रकाश पर्व के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक उपन्यास 'आनंद मठ' पर आधारित एक विशेष नाट्य प्रस्तुति देखी। अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने एकता नगर स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स का भी अवलोकन किया। इस सांस्कृतिक मंचन के अवसर पर महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व प्रदान किया।
सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रवाद का प्रतीक
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना 'आनंद मठ' ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनमानस में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की अलख जगाई थी। इसी उपन्यास से देश को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' मिला, जिसने स्वाधीनता आंदोलन को एक नई ऊर्जा दी थी। एकता नगर के मंच पर हुए इस नाटक में उपन्यास के मूल संदेश और उसके ऐतिहासिक संदर्भों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम के बाद नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि एकता नगर में आनंद मठ की अद्भुत नाट्य प्रस्तुति देखी, जिसने लोगों में राष्ट्रवाद की भावना को प्रज्वलित किया था। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता जताई कि इस ऐतिहासिक अवसर पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस कृति के कालजयी प्रभाव और राष्ट्रीय एकता में इसके योगदान को रेखांकित किया।
एकता प्रकाश पर्व और वैली ऑफ फ्लावर्स का दौरा
एकता नगर में आयोजित एकता प्रकाश पर्व के तहत विभिन्न सांस्कृतिक और प्रेरक कार्यक्रमों की श्रृंखला रखी गई है। इस उत्सव के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक छटा से भरपूर वैली ऑफ फ्लावर्स का भी भ्रमण किया। विभिन्न आयोजनों के माध्यम से देश की ऐतिहासिक धरोहर, विविधता और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
जनता की प्रतिक्रिया
इस आयोजन और प्रधानमंत्री के संदेश पर आम लोगों ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। नागरिकों ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत को सम्मानित करने और राष्ट्रीय चेतना जगाने वाली कृतियों को मंच देने के इस कदम की सराहना की।


























