कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में उन्होंने लेखक क्लेटन मुर्जेलो के उस संस्मरण की सराहना की है जो पिछले सप्ताहांत मुंबई लिटफेस्ट में हुए क्रिकेट सत्र पर आधारित था। शशि थरूर ने इस लेख को बेहद आनंददायक बताया और अपने आधिकारिक अकाउंट से इसका लिंक भी साझा किया।
संविधान और परिसीमन पर थरूर के विचार
इस बीच, सार्वजनिक चर्चाओं में उनके हालिया TharoorThink कॉलम का जिक्र भी सामने आया है। अपने इस कॉलम में उन्होंने यह तर्क रखा है कि परिसीमन जैसे जटिल मुद्दों का समाधान अकेले संसद के माध्यम से नहीं किया जा सकता है। उनके अनुसार, देश की संघीय व्यवस्था यह मांग करती है कि ऐसे मामलों में राज्यों के साथ भी व्यापक परामर्श किया जाए। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रक्रिया के लिए संविधान में जो तंत्र मौजूद है, सरकार उसकी अनदेखी करती है।
जनता की प्रतिक्रिया
शशि थरूर की इन सोशल मीडिया पोस्ट्स और उनके राजनीतिक लेखों पर उपयोगकर्ताओं की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। जहां कई समर्थकों ने उनके विचारों की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने नीतिगत मामलों पर तीखे सवाल भी उठाए हैं।



























