अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्लॉटर केस में एक ऐसा फैसला दिया है जिसने नब्बे साल पुरानी कानूनी नजीर को जड़ से उखाड़ फेंका है। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए इस फैसले का खुलकर स्वागत किया और इसे राष्ट्रपति की शक्ति के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
ट्रंप ने क्या लिखा
ट्रंप ने अपनी पोस्ट राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप के नाम से साइन की और लिखा:
स्लॉटर केस की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि 90 साल की नजीर को पूरी तरह और बिना किसी शक के पलट दिया गया है, जिससे उस वक्त राष्ट्रपति की शक्ति बहुत बढ़ गई है जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी!
किस नजीर को पलटा गया
जो कानूनी नजीर अब इतिहास बन गई है, वह करीब 90 साल से चली आ रही थी। इसके तहत स्वतंत्र नियामक आयोगों के सदस्यों को राष्ट्रपति की मर्जी से नहीं हटाया जा सकता था। कई कानूनी विशेषज्ञों और संगठनों ने पहले ही आगाह किया था कि इस सुरक्षा कवच को हटाने से राष्ट्रपति के हाथों में बेमिसाल नई शक्तियां आ जाएंगी। स्लॉटर केस में सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जिसकी आशंका जताई जा रही थी।
राष्ट्रपति को क्या मिला
खबरों के मुताबिक, इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति को फेडरल ट्रेड कमीशन के सदस्यों को बर्खास्त करने का अधिकार मिल गया है। यह एजेंसी पहले व्हाइट हाउस के सीधे नियंत्रण से बाहर मानी जाती थी। कानूनी जानकारों ने इस फैसले को करीब 91 साल का सबसे अहम सुप्रीम कोर्ट निर्णय बताया है और कहा है कि अब संघीय एजेंसियां राष्ट्रपति के प्रति पूरी तरह जवाबदेह होंगी।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, यह फैसला महीनों की कानूनी कशमकश के बाद आया। दिसंबर 2025 में ही यह साफ होने लगा था कि सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र एजेंसी आयुक्तों को हटाने के मामले में ट्रंप के पक्ष में झुकी हुई है। 29 जून 2026 को आए इस फैसले को ट्रंप समर्थकों ने ऐतिहासिक करार दिया और इसे कार्यकारी शक्ति की बड़ी वापसी बताया। दूसरी तरफ, आलोचकों ने पहले ही चेताया था कि इस नजीर को पलटने से राष्ट्रपति को ऐसी शक्तियां मिलेंगी जो पहले कभी किसी एक पद पर बैठे व्यक्ति के पास इस रूप में नहीं थीं।


















