केरल के तिरुवनंतपुरम में तेजस्वी नदी में दूसरों की जान बचाते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राजेश को भावभीनी अंतिम विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर लाया गया, जहां उनके अंतिम संस्कार के दौरान परिवारजनों, मित्रों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके इस अदम्य साहस और बलिदान की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है।
तेजस्वी नदी में बचाई दूसरों की जान
तेजस्वी नदी के तट पर घटी इस हृदयविदारक घटना में राजेश ने अपनी जान की परवाह न करते हुए विकट परिस्थितियों में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया। उनके इस साहसिक कार्य ने नदी में डूबे कई लोगों का जीवन सुरक्षित किया, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गहरे संकट में आ गए। उनके इस अंतिम वीरतापूर्ण कार्य की खबर सामने आते ही पूरे केरल राज्य में शोक और सम्मान की लहर दौड़ गई। आसपास के लोगों और गवाहों ने उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा नायक करार दिया है।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि
इस दुखद घटना के बाद सोशल मीडिया मंच X पर अपना संदेश साझा करते हुए शशि थरूर ने राजेश के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने लिखा कि तिरुवनंतपुरम ने आज अपने सबसे बहादुर बेटों में से एक को अंतिम विदाई दी। उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी नदी पर राजेश का वीरतापूर्ण कार्य केरल के हर नागरिक के दिल को छू गया है। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
जनता की प्रतिक्रिया और परिवार की सहायता की मांग
राजेश के बलिदान की खबर सार्वजनिक होने के बाद आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से प्रतिक्रियाओं का तांता लग गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके साहस को नमन करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। इसके साथ ही नागरिकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से पुरजोर मांग उठाई है कि पीड़ित परिवार को अकेला न छोड़ा जाए। लोगों का कहना है कि सरकार को इस वीर पुरुष के आश्रितों के लिए पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा और दीर्घकालिक सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि किसी भी समाज में अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले वीरों के परिवारों की देखभाल करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।


























