उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई है। दिल्ली से महोबा की ओर जा रही एक वातानुकूलित स्लीपर बस में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस दर्दनाक घटना के समय वाहन में कुल 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला, जिसके परिणामस्वरूप 9 मुसाफिरों की मौके पर ही झुलसकर मृत्यु हो गई। वहीं कई अन्य सवारियों ने खिड़कियों से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई, जिनमें से अनेक लोग घायल हो गए हैं।
चलती बस में आग का तांडव और अफरा-तफरी
सफर के दौरान जब बस एक्सप्रेसवे से गुजर रही थी, तभी अचानक लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग के आगोश में समा गई। भीतर घना धुआं भर जाने के कारण यात्रियों में भीषण चीख-पुकार मच गई। आपात स्थिति को देखते हुए घबराए हुए लोगों ने खिड़की के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगाना शुरू कर दिया। इस आपात कदम से कई सवारियां गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। घटनास्थल पर पहुंची राहत टीमों ने घायलों को पास के चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
राजनाथ सिंह का संदेश और शोक संवेदना
इस भीषण हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने जान गंवाने वाले मुसाफिरों के प्रति शोक जताया और शोकाकुल परिजनों के लिए संबल की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह इस असीम दुख की घड़ी में पीड़ित परिजनों को साहस प्रदान करें।
नोएडा शहर का परिचय
हादसे से जुड़े क्षेत्र के पास स्थित नोएडा उत्तर प्रदेश राज्य का एक प्रमुख उपनगरीय इलाका है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा से सटा हुआ है। गौतम बुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाला यह शहर करीब 203 वर्ग किलोमीटर के दायरे में विस्तृत है और इसकी आबादी लगभग 5 लाख दर्ज की गई है। न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के संक्षिप्त रूप से पहचाना जाने वाला यह क्षेत्र सुनियोजित सेक्टरों में विभाजित है और देश के सबसे आधुनिक योजनाबद्ध शहरों में गिना जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस हृदयविदारक घटना और उस पर आए आधिकारिक संदेश के बाद नागरिकों ने सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के विचार रखे। कई लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए गहरा शोक प्रकट किया, जबकि अन्य नागरिकों ने लंबी दूरी की निजी बसों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन इंतजामों की अनदेखी पर चिंता जताते हुए कड़े नियम लागू करने की मांग उठाई।


























