ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां वैवाहिक विवाद के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि, समय रहते उसे चिकित्सीय सहायता मिल गई और वर्तमान में उसका इलाज एक निजी स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी के स्वस्थ होते ही उसे हिरासत में लेने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
भुवनेश्वर में खौफनाक वारदात और घटनाक्रम
घटना सोमवार के दिन की है जब पति अपनी पत्नी के निवास स्थान पर पहुंचा। वहां पहुंचते ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी उग्र हो गई कि गुस्से में आकर पति ने आपा खो दिया। उसने पहले अपनी पत्नी का गला घोंटा ताकि वह विरोध न कर सके और फिर उसकी बाईं कलाई की नस काट दी। अत्यधिक खून बहने और दम घुटने के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी की हरकतें और पुलिस की कार्रवाई
अपनी पत्नी की हत्या करने के उपरांत आरोपी पति ने बेहद चालाकी से घर के मुख्य द्वार पर ताला जड़ा। इसके बाद वह मौके से फरार होने के उद्देश्य से एक ऑटो रिक्शा में सवार हो गया। भुवनेश्वर के एसीपी बिश्वरंजन सेनापति ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जब पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची, तब उसने स्वीकार किया कि उसने भी ज़हर का सेवन कर लिया है। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने तुरंत उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। एसीपी बिश्वरंजन सेनापति के अनुसार, चिकित्सकों द्वारा अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
साल 2019 की शादी और 2 साल पुराना अलगाव
पुलिस जांच में इस दंपति के अतीत से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दोनों का विवाह साल 2019 में संपन्न हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके रिश्तों में कड़वाहट आने लगी थी। आपसी मनमुटाव और लगातार होने वाले झगड़ों से तंग आकर दोनों पिछले करीब 2 सालों से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। लंबे समय से चला आ रहा यही तनाव सोमवार को इस खौफनाक हत्याकांड का कारण बन गया।
वैवाहिक संबंधों में बढ़ता तनाव और सामाजिक चिंता
पति-पत्नी के बीच मामूली विवादों पर हत्या जैसी खौफनाक घटनाएं समाज के लिए एक बेहद गंभीर और चिंताजनक संकेत पेश कर रही हैं। इस प्रकार की हिंसक वारदातें यह दर्शाती हैं कि दांपत्य जीवन में आपसी संवेदनशीलता, सहनशीलता और संवाद की कमी होती जा रही है। जब छोटी-छोटी बातें इतने उग्र मोड़ ले लेती हैं, तो इससे समाज का विवाह जैसी पवित्र और भरोसेमंद संस्था पर से विश्वास उठने का खतरा पैदा हो जाता है। कानून-व्यवस्था और सामाजिक संगठनों के लिए ऐसे बढ़ते पारिवारिक अपराध एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।














