ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने बुधवार को छत्तीसगढ़ सीमा के पास स्थित मथिली थाना क्षेत्र में एक गुप्त माओवादी ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा जब्त किया। यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाई गई एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई।
बरामदगी और संदिग्ध संगठन की जानकारी
मलकानगिरी के पुलिस अधीक्षक विनोद पाटिल एच ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, आईईडी और कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरा जखीरा प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) की आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) के कैडरों द्वारा छिपाकर रखा गया था।
मलकानगिरी में माओवाद विरोधी अभियानों का असर
जिले की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनवरी 2025 से इस साल 31 मार्च के बीच 2 कैडरों की गिरफ्तारी और 23 अन्य माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद मलकानगिरी माओवादी मुक्त हो गया है। इलाके में नक्सलियों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
लगातार जारी हैं तलाशी अभियान
इससे पहले इसी साल जून के महीने में भी मलकानगिरी में तीन बड़े माओवादी ठिकानों की खोज की गई थी, जहां से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए थे। ओडिशा पुलिस का कहना है कि जंगलों में छिपे अन्य संभावित हथियारों के डंप और ठिकानों को तलाशने के लिए नियमित रूप से कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी रखे जाएंगे।





















