अगर आप ओटीटी पर सस्पेंस और डर से भरपूर किसी नए कंटेंट की तलाश में हैं, तो यह अय्याना माने रिव्यू आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है। जी5 पर मौजूद यह कन्नड़ वेब सीरीज अपने बेहतरीन मिस्ट्री ड्रामा और डरावने माहौल के दम पर दर्शकों के बीच काफी पसंद की जा रही है। सुपरनैचुरल थ्रिलर के शौकीनों के लिए यह सीरीज एक ऐसी यात्रा है, जो अंत तक आपको बांधे रखती है और स्क्रीन से नजरें हटाने का मौका नहीं देती।
अय्याना माने की खौफनाक शुरुआत
इस साइकोलॉजिकल थ्रिलर की पूरी कहानी जाजी नाम की एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी शादी के बाद पूरी तरह बदल जाती है। कहानी की शुरुआत जाजी और दुष्यंत की शादी से होती है। लेकिन खुशी का यह माहौल जल्द ही खौफ में बदल जाता है। शादी के बाद जब दुल्हन बनी जाजी पहली बार अपने ससुराल कदम रखती है, जिसका नाम 'अय्याना माने' है, तो उसी दिन एक बड़ी अनहोनी हो जाती है। घर में प्रवेश करते ही जाजी के ससुर की अचानक मौत हो जाती है। इस दुखद घटना के बाद से ही घर का पूरा माहौल रहस्यमयी और डरावना हो जाता है।
ससुराल में बीते कुछ ही दिनों में जाजी को महसूस होने लगता है कि वहां कुछ भी सामान्य नहीं है। उसके ससुराल वालों का बर्ताव दिन पर दिन अजीब और संदेहास्पद होता जाता है। घर का हर सदस्य कोई न कोई बड़ा सच छिपाने की कोशिश करता दिखाई देता है, जिससे जाजी के मन में डर और अविश्वास पैदा होने लगता है।
ससुराल की दीवारों में दफन गहरा राज
कहानी में असली रोमांच तब आता है जब जाजी को अपने ही घर की कामवाली से एक बेहद चौंकाने वाली बात पता चलती है। वह कामवाली जाजी को बताती है कि इस घर में पहले भी तीन बहुएं आ चुकी हैं, और उन तीनों की ही बहुत ही अजीब और रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस डरावने सच का पता चलने के बाद जाजी के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। उसे समझ आ जाता है कि उसकी जान भी खतरे में है। अब वह खुद को बचाने और इस हवेली के काले इतिहास का पर्दाफाश करने के लिए अपनी तरफ से जांच शुरू कर देती है।
रोमांचक एपिसोड और शानदार कलाकार
इस वेब सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसकी कसी हुई कहानी है। यह कुल छह एपिसोड की एक छोटी सीरीज है, जिसमें प्रत्येक एपिसोड लगभग बीस मिनट का है। इसका मतलब है कि आप केवल दो घंटे में इस पूरी मिस्ट्री को सुलझते हुए देख सकते हैं। हालांकि यह सीरीज पिछले साल अप्रैल के महीने में ही रिलीज की गई थी, लेकिन ओटीटी दर्शकों के बीच इसका क्रेज आज भी बरकरार है।
इस सीरीज को बेहतरीन बनाने में इसके कलाकारों का बहुत बड़ा योगदान है। मुख्य भूमिका में नजर आईं खुशी रवि ने डर और हिम्मत के भावों को स्क्रीन पर बहुत खूबसूरती से उतारा है। उनके साथ ही अक्षय नायक, मानसी सुधीर, अनिरुद्ध आचार्य, रमेश इंदिरा, हिथा चंद्रशेखर और विजय सोभराज जैसे कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से किरदारों में जान फूंक दी है। आईएमडीबी पर इस थ्रिलर ड्रामा को 6.8 की शानदार रेटिंग मिली है, जो इसके सस्पेंस और कहानी की मजबूती को बयां करती है।



















